वरिष्ठ अध्यापक भर्ती पेपर लीक: 29 अभ्यर्थियों को पेपर पढ़ाने वाला गिरोह का सदस्य गिरफ्तार
जयपुर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले में कार्रवाई करते हुए संगठित गिरोह के सक्रिय सदस्य विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ निवासी रेनवाल जयपुर ग्रामीण जिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 29 अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूलकर परीक्षा से पहले लीक हुआ प्रश्नपत्र पढ़ाने और हल करवाने का आरोप है। मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी), अजमेर के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा सहित अब तक कुल 70 आरोपिताें की गिरफ्तारी हो चुकी है।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि इस मामले में पहले गिरफ्तार अनिल कुमार मीणा उर्फ शेर सिंह मीणा ने लीक प्रश्नपत्र की एक प्रति अरुण शर्मा उर्फ राजेंद्र शर्मा को उपलब्ध करवाई थी। इसके बाद अरुण शर्मा ने विनोद कुमार जाट की ओर से लाए गए 29 अभ्यर्थियों को तीन अलग-अलग स्थानों पर अवैध राशि लेकर प्रश्नपत्र पढ़ाया और हल करवाया था।
जांच में सामने आया कि रेवासा स्थित मिल्खा डिफेंस एकेडमी में 13 अभ्यर्थियों से 25 लाख रुपये लेकर प्रश्नपत्र पढ़ाया गया। वहीं जयपुर के बैनाड स्थित पूरण विहार कॉलोनी के एक किराये के मकान में नौ अभ्यर्थियों से 18 लाख रुपये लेकर प्रश्नपत्र हल करवाया गया। इसके अलावा कालवाड़ रोड स्थित हाथोज बस स्टैंड के पास एक कंप्यूटर संस्थान में सात अभ्यर्थियों से 14 लाख रुपये वसूलकर परीक्षा से पहले लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। इस तरह तीनों स्थानों पर कुल 29 अभ्यर्थियों से 57 लाख रुपये वसूलने की बात सामने आई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार शर्मा ने बताया कि विनोद कुमार जाट के खिलाफ धोखाधड़ी और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 के तहत अपराध प्रमाणित पाए जाने पर गिरफ्तार किया गया। अदालत ने आरोपित को 20 अक्टूबर तक पुलिस अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए हैं। एसओजी आरोपित से पूछताछ कर मामले में आगे की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि 23 दिसंबर 2022 की देर रात उदयपुर जिले के बेकरिया थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक बस को रुकवाया था। बस में मूल अभ्यर्थियों और डमी अभ्यर्थियों के साथ हल प्रश्नपत्र भी मिला था। इसके बाद बेकरिया थाने में मामला दर्ज किया गया और जांच के दौरान पेपर लीक से जुड़े संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। एसओजी इस मामले में अनिल कुमार मीणा उर्फ शेर सिंह मीणा, भूपेंद्र सारण, सुरेश कुमार सऊ और आरपीएससी के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा सहित अब तक 70 आरोपिताें को गिरफ्तार कर चुकी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

