मंदसौर : 15 साल पुराने मिलावटी मावा मामले में दुकानदार को तीन माह की सजा
मंदसौर, 22 सितंबर (हि.स.)। करीब 15 वर्ष पुराने मिलावटी मावा बेचने के मामले में मध्य प्रदेश के मंदसौर की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन माह के सश्रम कारावास और दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंदसौर अतुल बिल्लौरे ने मल्हारगढ़ निवासी बाबूलाल पिता छगनलाल विजयवर्गीय को मिलावटी मावा विक्रय करने के अपराध में दोषी पाया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी बलराम सोलंकी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दीपावली पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा 8 अक्टूबर 2011 को निरीक्षण के लिए मल्हारगढ़ के गांधी चौक पहुंचे थे। यहां विजयवर्गीय मिष्ठान भंडार का निरीक्षण किया गया। दुकान पर मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम बाबूलाल पिता छगनलाल विजयवर्गीय बताते हुए स्वयं को दुकान का संचालक बताया था।
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी को दुकान पर मिठाई, नमकीन और मावा का विक्रय किए जाने की जानकारी मिली। दुकानदार ने वर्ष 2011-12 का लाइसेंस भी प्रस्तुत किया था। इसी दौरान दुकान में रखे एक कंटेनर में करीब पांच किलोग्राम मावा मिला। मावे की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने उसका नमूना लेने की कार्रवाई की।
120 रुपये किलो की दर से खरीदा था मावा
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने आरोपी से एक किलोग्राम मावा 120 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा। इसके बाद नमूने को चार बराबर हिस्सों में बांटा गया। प्रत्येक हिस्से को प्लास्टिक की फूड ग्रेड साफ और सूखी थैली में रखा गया। नमूने में करीब 20-20 बूंद फार्मेलिन डालने के बाद उसे अच्छी तरह मिलाकर थैलियों को सील किया गया।
नमूने को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में मावा अवमानक पाया गया। इसके बाद मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 46(4) के तहत पुनः जांच की प्रक्रिया अपनाई गई और नमूना गाजियाबाद स्थित प्रयोगशाला भेजा गया।
दूसरी जांच में भी मावा असुरक्षित मिला
गाजियाबाद प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट में भी मावा अवमानक और असुरक्षित पाया गया। दोनों जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की और प्रकरण का परिवाद न्यायालय में प्रस्तुत किया।
करीब 15 वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अतुल बिल्लौरे ने उपलब्ध साक्ष्यों और प्रकरण के आधार पर बाबूलाल विजयवर्गीय को मिलावटी मावा बेचने के अपराध में दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को तीन माह के सश्रम कारावास के साथ दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया

