राजगढ़ में बंद ऋतु के दौरान अवैध मत्स्याखेट पर कार्रवाई, 125 किलो मछली जब्त
राजगढ़, 09 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बंद ऋतु के दौरान अवैध मत्स्याखेट पर अंकुश लगाने के लिए मत्स्य विभाग ने गुरुवार को विभिन्न नदी-नालों और वृहद जलाशयों में विशेष अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान 125 किलोग्राम मछली जब्त की गई। इनमें प्रतिबंधित प्रजाति की 50 किलोग्राम थाई मांगुर मछली को नष्ट किया गया, जबकि 75 किलोग्राम मेजर कार्प मछली की नीलामी कर पांच हजार रुपये शासकीय राजस्व के रूप में जमा कराए गए।
मत्स्य विभाग को मिली सूचना के आधार पर मत्स्य निरीक्षक दिनेश कुमार वंदेरिया के नेतृत्व में गठित दल ने लीमाचैहान, सारंगपुर, पचोर, ब्यावरा और राजगढ़ क्षेत्र के नदी-नालों एवं जलाशयों में छापामार कार्रवाई की। विभागीय टीम के पहुंचने की भनक लगते ही अवैध मत्स्याखेट में लगे लोग पकड़ी गई मछलियां छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद विभाग ने जब्त मछलियों को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की।
गुरूवार को सहायक संचालक मत्स्योद्योग सुनील कुमार शुक्ला ने बताया कि मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए शासन ने 16 जून से 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित की है। इस अवधि में नदी-नालों तथा उनसे जुड़े वृहद जलाशयों में मत्स्याखेट, मछलियों का परिवहन और क्रय-विक्रय प्रतिबंधित है। इस संबंध में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा भी अधिसूचना जारी की गई है।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश मत्स्योद्योग अधिनियम, 1948 तथा नदीय (मत्स्योद्योग) नियम, 1972 के तहत बंद ऋतु में अवैध मत्स्याखेट दंडनीय अपराध है। नियमों के उल्लंघन पर एक वर्ष तक के कारावास, पांच हजार रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों का प्रावधान है।
मत्स्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बंद ऋतु के दौरान अवैध मत्स्याखेट की जानकारी मिलने पर तत्काल विभाग को सूचित करें और मत्स्य संरक्षण संबंधी नियमों का पालन करने में सहयोग दें।
हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

