जेल से बाहर आते ही बदले सुर: देशद्रोह के आरोपित ने लगाए 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' के नारे
रायगढ़, 12 जुलाई (हि.स.)। राजद्रोह, राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध गतिविधियों, महिला प्रताड़ना और नारकोटिक्स एक्ट से जुड़े मामलों में आरोपित वसीम मोहम्मद का रवैया जेल से बाहर आते ही बदला हुआ नजर आया। रविवार को पुलिस उसे एक दिन के प्रोटेक्शन वारंट पर पूछताछ, स्थल निरीक्षण और अन्य वैधानिक कार्रवाई के लिए जोगीडीपा स्थित उसके घर लेकर पहुंची थी। इस दौरान उसने अचानक हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।
जानकारी के अनुसार, वसीम मोहम्मद को 25 मई को करीब 6 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी ने 29 मई को महिला थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी कथित रूप से राष्ट्रविरोधी नारे लगाता था और बच्चों को भी हिंदुस्तान मुर्दाबाद तथा पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के लिए उकसाता था। महिला ने इस संबंध में एक वीडियो भी पुलिस को सौंपा, जिसकी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, महिला थाना रायगढ़ में वसीम मोहम्मद के खिलाफ अपराध क्रमांक 52/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 85, 351, 152 और 197 के साथ छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रकरण की विवेचना डीएसपी उन्नति सिंह ठाकुर के निर्देशन में पुसौर थाना प्रभारी हर्षवर्धन वेश द्वारा की जा रही है।
रविवार को न्यायालय से प्राप्त एक दिन के प्रोटेक्शन वारंट के आधार पर पुलिस आरोपित को आवश्यक पूछताछ और स्थल निरीक्षण के लिए उसके निवास पर लेकर पहुंची थी। इसी दौरान आरोपित ने अचानक हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने उसे पुनः जेल भेज दिया।
पुलिस का कहना है कि, मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान

