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उमरिया में नदी किनारे दफन युवक के शव का खुला राज, मछली पकड़ते समय करंट से हुई थी मौत; दो दोस्त गिरफ्तार

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उमरिया में नदी किनारे दफन युवक के शव का खुला राज, मछली पकड़ते समय करंट से हुई थी मौत; दो दोस्त गिरफ्तार


उमरिया, 13 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम मगरघरा में नदी किनारे खेत में दफन मिले 21 वर्षीय युवक गौकरण सिंह के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि युवक की मौत नदी में विद्युत करंट से मछली पकड़ने के दौरान हुई थी। घटना के बाद उसके साथ मौजूद दो दोस्तों ने शव को नदी के पास गड्ढे में दफना दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

एसडीओपी उमरिया पुन्नू सिंह परस्ते के अनुसार, 8 सितंबर 2026 को मगरघरा निवासी एक फरियादी ने अपने पुत्र गौकरण सिंह के 5 सितंबर से घर से लापता होने की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान 9 सितंबर को सूचना मिली कि मगरघरा में नदी के पास से दुर्गंध आ रही है और वहां मिट्टी के नीचे किसी का शव होने की आशंका है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार खुदाई कराकर शव को बाहर निकलवाया। शव की पहचान गौकरण सिंह के रूप में हुई।

शव की स्थिति खराब होने के कारण पोस्टमार्टम के लिए उसे मेडिकल कॉलेज शहडोल भेजा गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत बिजली का करंट लगने से होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने जांच की दिशा करंट लगने की घटना की ओर केंद्रित कर दी। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान दो संदिग्धों की पहचान कर उनसे पूछताछ की गई। पूछताछ में घटना का पूरा घटनाक्रम सामने आया।

पुलिस जांच के अनुसार, मगरघरा निवासी भारत सिंह (21), पिता बालकरण सिंह और वेंकट रमन (28), पिता अशोक सिंह ने गौकरण सिंह के साथ मिलकर नदी में विद्युत करंट के जरिए मछली पकड़ने की योजना बनाई थी। बताया गया कि भारत सिंह अपने घर से करीब 100 मीटर दूर नदी तक विद्युत तार लेकर गया था। इसके बाद वेंकट रमन ने उक्त तार को दूसरे तार से जोड़कर नदी के पानी में बिजली का करंट प्रवाहित कर दिया। इसी दौरान नदी में मौजूद गौकरण सिंह करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, गौकरण की मौत के बाद दोनों आरोपितों ने उसका शव नदी के पास ही एक गड्ढे में डाल दिया और ऊपर से मिट्टी डालकर उसे दफना दिया। इसके बाद दोनों वहां से चले गए। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपितों को पता था कि नदी के पानी में विद्युत करंट प्रवाहित करना बेहद खतरनाक और जानलेवा हो सकता है। इसके बावजूद मछली पकड़ने के उद्देश्य से उन्होंने नदी में करंट प्रवाहित किया। पुलिस ने भारत सिंह और वेंकट रमन को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी