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वराछा क्षेत्र की एसबीआई लूटकांड का मास्टरमाइंड कुंदन भगत सूरत लाया गया

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वराछा क्षेत्र की एसबीआई लूटकांड का मास्टरमाइंड कुंदन भगत सूरत लाया गया


-वराछा बैंक में सोना-हीरा लूटने की भी थी साजिश

सूरत, 06 जून (हि.स.)। गुजरात के सूरत जिला के वराछा क्षेत्र स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की शाखा में लूटकांड के मास्टरमाइंड कुंदन भगत को पटना की एनआईए अदालत की अनुमति के बाद बिहार की बेऊर जेल से कस्टडी में लेकर सूरत लाया गया है। इस शाखा में बीती 27 अप्रैल को दिनदहाड़े हथियारों के बल पर 50 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था।

सूरत डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि कुंदन भगत को वराछा पुलिस स्टेशन लाकर उससे गहन पूछताछ शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उसने वराछा क्षेत्र के एक बैंक में सोना और हीरे की बड़ी लूट को अंजाम देने की योजना भी बनाई थी।

बिहार की जेल में बैठकर रची गई थी लूट की साजिश

पुलिस के अनुसार, 27 अप्रैल को हथियारबंद बदमाशों का एक गिरोह एसबीआई शाखा में घुसा था और कर्मचारियों व ग्राहकों को बंधक बनाकर कुछ ही मिनटों में 50 लाख रुपये की नकदी लूटकर फरार हो गया था। घटना के बाद सूरत पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुभम ठाकुर, विक्रमजीत सिंह राजपूत और मिथेशकुमार उर्फ महेश कुमार लखेंद्र राय को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि पूरी वारदात की साजिश बिहार की जेल में बंद कुंदन भगत ने रची थी। पुलिस अब तक आरोपितों से 93 हजार रुपये की राशि भी बरामद कर चुकी है।

सूरत डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि आरोपित की कस्टडी हासिल करने के लिए सूरत और पटना की अदालतों तथा दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया। शुरुआत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ का विकल्प दिया गया था, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए आमने-सामने पूछताछ आवश्यक समझी गई। उन्होंने कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों, उनकी कार्यप्रणाली (एमओ), आपराधिक नेटवर्क और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में जानकारी जुटाने के लिए कुंदन भगत से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक कुंदन भगत के खिलाफ रंगदारी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट समेत आठ से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

फिलहाल सूरत पुलिस आरोपित को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग करेगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान लूटकांड से जुड़े अन्य आरोपितों और संभावित आपराधिक नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे