सूरत एसबीआई लूटकांड में एक और आरोपित गिरफ्तार
सूरत, 02 जून (हि.स.)। गुजरात के सूरत के वराछा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की शाखा में हुए लूटकांड के मामले में क्राइम ब्रांच ने बिहार के कुख्यात कुंदन भगत गैंग के सदस्य मंतीश उर्फ मुकेश कुमार लेखेंद्र राय (21) को बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से गिरफ्तार किया है।
यह वारदात बीती 27 अप्रैल को सूरत के वराछा स्थित एसबीआई की शाखा में हुई थी, जिसमें बदमाशाें ने 50 लाख रुपये की लूट लिए थे। पुलिस ने आज जिस आराेपित काे पकडा है, वह आरोपित पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते नेपाल भागने की तैयारी में था, लेकिन सीमा पार करने से पहले ही उसे दबोच लिया गया।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त करणसिंह वाघेला ने बताया कि मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपिताें से पूछताछ के दौरान मुकेश कुमार का नाम सामने आया था। इसके बाद पीआई एस.एन. परमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बिहार रवाना की गई। स्थानीय पुलिस की मदद से पूर्वी चंपारण और मोतिहारी क्षेत्र में लगातार तलाश अभियान चलाया गया। आरोपी पुलिस से बचने के लिए रोजाना अपना ठिकाना बदल रहा था।
सूरत पुलिस की टीम ने आठ दिनों तक बिहार के दूरदराज गांवों में स्थानीय वेशभूषा और सादे कपड़ों में रहकर मानव खुफिया नेटवर्क के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। आखिरकार 30 मई की रात करीब 10:30 बजे मोतिहारी के बिरती बाजार चौक क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मुकेश का सीधा संपर्क लूटकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल विजय नामक आरोपित से था। दोनों पड़ोसी गांवों के रहने वाले और बचपन के मित्र हैं। विजय ने ही मुकेश को गैंग में शामिल कराया था। इतना ही नहीं, लूट के दौरान किसी प्रतिरोध या पुलिस मुठभेड़ की स्थिति से निपटने के लिए विजय ने उसे बिहार में सुनसान स्थानों पर देसी तमंचे और पिस्तौल से फायरिंग का विशेष प्रशिक्षण भी दिया था। फिलहाल विजय अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
गिरफ्तारी के बाद मुकेश को मोतिहारी कोर्ट में पेश कर 72 घंटे के ट्रांजिट रिमांड पर सूरत लाया गया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त करणसिंह वाघेला ने बताया कि मुकेश उन आरोपिताें में शामिल था जो लूट के दौरान हथियारों के साथ बैंक के अंदर घुसे थे। उससे प्रारंभिक पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि लूट में इस्तेमाल किए गए छह हथियार कहां छिपाए गए हैं। इसके अलावा 50 लाख रुपये की लूट में उसका कितना हिस्सा तय था और क्या उसे पहले से कोई रकम दी गई थी, इस संबंध में भी गहन पूछताछ की जाएगी।
पुलिस लूटकांड में शामिल गैंग को सूरत में स्थानीय स्तर पर सहायता और आश्रय देने वाले लोगों की भी जांच कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

