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जेल से बाहर आते ही फिर हिरासत में लिए गए भाजपा नेता आशीष उपाध्याय

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जेल से बाहर आते ही फिर हिरासत में लिए गए भाजपा नेता आशीष उपाध्याय


नौ दिन पूर्व ऑनलाइन सट्टा व करोड़ों के लेनदेन के चलते भेजा गया था जेल

रॉयल सिटी में सिपाही रजत के साथ भी जुड़ा था नाम

झांसी, 13 मई (हि.स.)। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन से जुड़े चर्चित मामले में भाजपा नेता आशीष उपाध्याय एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद जेल से रिहा हुए आशीष उपाध्याय को जेल गेट से बाहर निकलते ही बुधवार को सीपरी बाजार थाना पुलिस ने दोबारा हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई।

नवाबाद थाना पुलिस ने करीब नौ दिन पहले भाजपा नेता आशीष उपाध्याय को दिल्ली के चाणक्यपुरम क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उन पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन में शामिल होने के आरोप लगे थे। पुलिस ने उनके खिलाफ केस संख्या 215/2026 में धारा 111(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा सार्वजनिक जुआ अधिनियम की धारा 3/13 के तहत कार्रवाई की थी।

मामले में आरोपी पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर गिरफ्तारी और रिमांड प्रक्रिया को अवैध बताया। याचिका में कहा गया कि गिरफ्तारी ज्ञापन में गिरफ्तारी के स्पष्ट आधार नहीं दर्शाए गए और विवेचक ने नए बीएनएस कानून लागू होने के बावजूद पुराने प्रारूप का इस्तेमाल किया। साथ ही रिमांड आदेश भी पुराने मुद्रित प्रोफार्मा पर जारी किया गया।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी और रिमांड प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियां पाई। अदालत ने 2 मई 2026 को पारित रिमांड आदेश को निरस्त करते हुए आरोपित की गिरफ्तारी और हिरासत को अवैध करार दिया तथा तत्काल रिहाई के आदेश दिए।

हालांकि जेल से बाहर आते ही सीपरी बाजार थाना पुलिस ने आशीष उपाध्याय को फिर हिरासत में ले लिया। सूत्रों के मुताबिक, रॉयल सिटी में पकड़े गए ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट मामले में पूछताछ और साक्ष्य संकलन के लिए यह कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी की वजह स्पष्ट नहीं की है।

इस मामले में पूर्व स्वाट टीम के सिपाही रजत का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह और अधिवक्ता अमित सचान ने विवेचक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। पूरे घटनाक्रम ने झांसी पुलिस की कार्यप्रणाली और विवेचना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अधिकारियों के नहीं उठे फोन

इस संबंध में जानकारी के लिए एसपी सिटी व सीओ सिटी समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को कई बार फोन लगाने के बाबजूद भी उनके फोन नहीं उठे और आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी कि भाजपा नेता को जेल भेजा गया है या फिर अभी हिरासत में रखा गया है।

तथाकथित महाराज चर्चा में

सट्टे के आरोपी और भाजपा नेता आशीष उपाध्याय की जेल से रिहाई के कुछ समय पहले एक तथाकथित युवा महाराज का लग्जरी कार से जिला कारागार में जाना और कुछ ही देर में वापस निकल जाना महानगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कयास लगा रहे हैं कि कहीं कथित महाराज का भाजपा नेता सट्टे के आरोपी से गठजोड़ तो नहीं है अथवा भाजपा नेता की सिफारिस टीम में उनका नाम शुमार है।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया