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सतना : जीवितों को मृत दिखाकर हड़पी संबल राशि, रोजगार सहायक पर एफआईआर दर्ज

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सतना : जीवितों को मृत दिखाकर हड़पी संबल राशि, रोजगार सहायक पर एफआईआर दर्ज


सतना, 06 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले में शनिवार को संबल योजना में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जनपद पंचायत नागौद की रहिकवारा ग्राम पंचायत में पदस्थ रहे रोजगार सहायक एवं तत्कालीन प्रभारी सचिव बृजकिशोर कुशवाहा के खिलाफ जीवित लोगों को मृत दर्शाकर तथा वास्तविक मृत हितग्राहियों की सहायता राशि अन्य खातों में ट्रांसफर कर सरकारी धन के गबन के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

मामले का खुलासा कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायत के बाद हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सज्जन चौधरी और गनपत कुशवाहा जीवित होने के बावजूद उन्हें रिकॉर्ड में मृत दर्शाकर संबल योजना की अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता राशि निकाल ली गई। वहीं, मृतक रामचरण चौधरी के नाम पर मिलने वाली सहायता राशि उसके वैध उत्तराधिकारियों को न देकर किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भेज दी गई।

कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। जनपद पंचायत नागौद की तीन सदस्यीय जांच समिति ने शिकायतों की पुष्टि करते हुए पाया कि तीन जीवित व्यक्तियों को मृत दर्शाकर और तीन वास्तविक मृत हितग्राहियों की सहायता राशि दूसरे खातों में भेजकर वित्तीय अनियमितता की गई।

जांच में यह भी सामने आया कि कथित फर्जीवाड़े के लिए जीवित व्यक्तियों के मृत्यु प्रमाण-पत्र, कूट रचित बैंक दस्तावेज और अन्य आवेदन पत्रों का प्रमाणीकरण तत्कालीन सचिव बृजकिशोर कुशवाहा द्वारा किया गया था। समिति ने उन्हें पूरे प्रकरण में मुख्य रूप से जिम्मेदार माना।

जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर के निर्देशानुसार खंड पंचायत अधिकारी विजयेंद्र प्रताप सिंह ने थाना नागौद में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बृजकिशोर कुशवाहा के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी