जबलपुर : 20 लाख की अवैध रेत जब्त: शहपुरा के मेरेगांव में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 4 हजार घनमीटर भंडारण पकड़ा
जबलपुर, 26 जून (हि.स.)। जबलपुर जिले में अवैध खनिज उत्खनन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर शुक्रवार को शहपुरा तहसील के ग्राम मेरेगांव में खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 4 हजार घनमीटर अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त की। जब्त की गई रेत की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत शुक्रवार को शहपुरा तहसील के ग्राम मेरेगांव में औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में बिना वैध अनुमति के रेत का भंडारण मिला। जांच में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरी रेत को जब्त कर लिया।
यह कार्रवाई खनि अधिकारी ए.के. राय और शहपुरा एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी के मार्गदर्शन में की गई। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर रेत के भंडारण का भौतिक सत्यापन किया, जिसमें लगभग 4 हजार घनमीटर रेत अवैध रूप से संग्रहित पाई गई। अधिकारियों ने नियमानुसार पूरी सामग्री को जब्त करते हुए पंचनामा तैयार किया और आगामी आदेश तक उसे सुरक्षित रखने की व्यवस्था की।
प्रशासन ने जब्त की गई रेत को ग्राम मेरेगांव के वार्ड पंच ज्ञानी सिंह राजपूत की सुपुर्दगी में सौंप दिया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि आगामी आदेश तक जब्त सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा बिना प्रशासन की अनुमति के रेत का किसी भी प्रकार से उपयोग या परिवहन न होने दिया जाए। संयुक्त कार्रवाई में प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अभियान में नायब तहसीलदार महेश सोलंकी, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कल्याण सिंह क्षत्रि, बेलखेड़ा थाना प्रभारी धन्नू सिंह गौंड, खनि निरीक्षक विवेकानंद यादव, पटवारी दिलीप ठाकुर, होमगार्ड महेंद्र पटेल सहित खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग का संयुक्त अमला शामिल रहा। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच की और मौके पर ही कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्रशासन का कहना है कि अवैध खनिज उत्खनन और भंडारण से न केवल शासन को राजस्व की हानि होती है, बल्कि पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसी कारण जिले में ऐसे मामलों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को अवैध रूप से खनिज का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने बताया कि इस मामले में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर नियमानुसार जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर जिलेभर में अवैध खनिज गतिविधियों के खिलाफ लगातार निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें नियमित रूप से निरीक्षण कर रही हैं, ताकि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व की रक्षा के लिए भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

