सागर: सिविल लाइन में दिनदहाड़े हुई चोरी का खुलासा, भोपाल के 3 आरोपी गिरफ्तार
सागर, 24 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर में थाना सिविल लाइन पुलिस ने बुधवार को शहर की एमआईजी कॉलोनी में दिनदहाड़े सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने भोपाल के रहने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 60 हजार रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
पुलिस ने बताया कि यह घटना 23 जनवरी की है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एमआईजी कॉलोनी में रहने वाली फरियादिया कल्पना रावत (पति विष्णु प्रसाद रावत, उम्र 45 वर्ष) के घर को चोरों ने निशाना बनाया था। दिन के समय हुई इस वारदात की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपराध क्रमांक 26/2026 दर्ज किया था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(1) और 305(ए) के तहत दर्ज कर जांच में लिया गया था।
महानगरों की तर्ज पर दिनदहाड़े हुई इस चोरी को गंभीरता से लेते हुए थाना सिविल लाइन पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) की मदद ली। सटीक पतारसी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल तीन संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद सागर पुलिस की टीम ने भोपाल से तीनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर अपनी अभिरक्षा में लिया और सागर लेकर आई।
सागर लाने के बाद जब पुलिस ने आरोपियों से मनोवैज्ञानिक और कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने एमआईजी कॉलोनी में चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किए गए शत-प्रतिशत आभूषण बरामद कर लिए हैं। बरामद किए गए माल में एक सोने का पेंडल, तीन जोड़ी चांदी की पायल, आठ नग चांदी की बिछिया आदि हैं।
पुलिस के अनुसार बरामद किए गए इस कुल माल की अनुमानित कीमत करीब 60,000 रुपये है। पकड़े गए तीनों आरोपी भोपाल के रहने वाले हैं और आदतन अपराधी प्रतीत होते हैं। इनके नाम राजा पुत्र आसिफ खान, उम्र 23 वर्ष, निवासी भोपाल, लकी पुत्र मुदुल राजपूत, उम्र 23 वर्ष, निवासी कोलार रोड, भोपाल, विजय डिडोरिया पुत्र मुकेश डिडोरिया, उम्र 21 वर्ष, निवासी भोपाल हैं।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से अदालत के आदेश पर तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

