राजस्थान लोक सेवा आयोग : प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में बैठा डमी अभ्यर्थी
जोधपुर, 02 अप्रैल(हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग की तरफ से वर्ष 2022 में आयोजित प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में अब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मूल अभ्यर्थी ने किसी डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाकर परीक्षा दिलाई थी। इस पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की तरफ से शास्त्रीनगर थाने में केस दर्ज कराया गया है। मामले में अग्रिम तफ्तीश की जा रही है। एसओजी गु्रप यूनिट के एएसपी श्यामसुंदर विश्रोई ने यह रिपोर्ट दी है।
प्रकरण के अनुसार मूल अभ्यर्थी दिनेश कुमार पुत्र बाबूलाल द्वारा परीक्षा में अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी बैठाने का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि 15 अक्टूबर 2022 को आयोजित प्रथम प्रश्न पत्र (सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन) की परीक्षा में दिनेश कुमार स्वयं उपस्थित नहीं हुआ, बल्कि उसके स्थान पर एक अन्य अभ्यर्थी को बैठाया गया।
जांच के दौरान राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर से प्राप्त मूल उपस्थिति पत्रक एवं ओएमआर शीट के अवलोकन में फोटो और हस्ताक्षरों में स्पष्ट भिन्नता पाई गई। प्रथम प्रश्न पत्र में हस्ताक्षर हिन्दी में तथा द्वितीय प्रश्न पत्र (हिन्दी विषय) में हस्ताक्षर अंग्रेजी में पाए गए। दोनों परीक्षाओं के दस्तावेजों में फोटो और हस्ताक्षर मेल नहीं खाते, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
अनुसंधान में यह भी सामने आया कि दिनेश कुमार ने अपने परिचित मनोहर लाल निवासी सांचौर जिला जालोर के माध्यम से डमी अभ्यर्थी की व्यवस्था की थी। इसके लिए प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ कर फोटो व हस्ताक्षर बदलकर फर्जी एडमिट कार्ड तैयार किया गया। उक्त डमी अभ्यर्थी को जोधपुर के सरदारपुरा स्थित परीक्षा केंद्र पर बैठाकर परीक्षा दिलवाई गई।
प्रकरण में पूछताछ में पता लगा कि द्वितीय प्रश्न पत्र हिन्दी की परीक्षा दिनेश कुमार ने स्वयं दी। पूछताछ में उसने यह स्वीकार भी किया कि प्रथम प्रश्न पत्र उसने स्वयं नहीं दिया था। यह परिवाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसओजी यूनिट अजमेर द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिस पर कार्रवाई करते हुए शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने अब मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच एडीसीपी वेस्ट की तरफ से की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

