आरपीएससी हिंदी प्राध्यापक भर्ती में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने का मामला, मूल अभ्यर्थी और दलाल गिरफ्तार
जयपुर, 18 जून (हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की प्राध्यापक हिंदी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर चयन हासिल करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मूल अभ्यर्थी और सौदा कराने वाले दलाल को गिरफ्तार किया है। एसओजी दोनों आरोपियों से पूछताछ कर भर्ती घोटाले के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सवाई माधोपुर जिले के बौंली निवासी दलपत लाल मीणा (40) और करौली जिले के सपोटरा निवासी रुकमकेश मीणा (38) शामिल हैं। रुकमकेश मीणा वर्तमान में उत्तराखंड स्थित एम्स ऋषिकेश में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत है। जांच में सामने आया कि दलपत लाल मीणा ने बिना परीक्षा दिए चयन सुनिश्चित कराने के लिए रुकमकेश मीणा के माध्यम से 15 लाख रुपये में सौदा किया था। यह राशि जयपुर सहित विभिन्न स्थानों पर नकद रूप से दी गई। एसओजी के अनुसार आरपीएससी द्वारा 15 अक्टूबर 2022 को आयोजित प्राध्यापक हिंदी भर्ती परीक्षा की दोनों पारियों—सामान्य ज्ञान एवं हिंदी विषय—में दलपत लाल की जगह डमी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र में मूल अभ्यर्थी की फोटो के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर अपलोड की गई थी। इसके अलावा दलपत लाल ने अपनी वास्तविक जन्मतिथि 15 जुलाई 1986 के स्थान पर 15 जुलाई 1997 दर्शाकर दस्तावेजों में भी हेराफेरी की, ताकि उसकी आयु कम दिखाई जा सके और चयन प्रक्रिया में लाभ मिल सके। इस संबंध में एसओजी थाना जयपुर में 30 मई 2024 को मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर एसओजी ने आरोपियों की तलाश शुरू की। मुख्य आरोपी दलपत लाल मीणा लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया जा चुका था।
एसओजी अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर गहन पूछताछ की जा रही है। साथ ही परीक्षा में शामिल हुए डमी अभ्यर्थियों, भर्ती रैकेट से जुड़े अन्य दलालों तथा सहयोगियों की भी तलाश जारी है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ में भर्ती परीक्षा से जुड़े अन्य फर्जीवाड़ों और आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आएंगी। एसओजी ने संकेत दिए हैं कि मामले में जल्द ही अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

