मुठभेड़ में दबोचे गए टिल्लू गैंग के दो शूटर, हरीश माथुर हत्याकांड का खुलासा
नई दिल्ली, 02 अगस्त (हि.स.)। रोहिणी जिले की स्पेशल स्टाफ और कंझावला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद टिल्लू ताजपुरिया गैंग के दो सक्रिय बदमाशों को गिरफ्तार कर 30 जुलाई को कराला में हुए हरीश माथुर हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपितों ने घेराबंदी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी। दोनों को घायल अवस्था में दबोच लिया गया। इस दौरान कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ।
पकड़े गए आरोपितों की पहचान गाजियाबाद निवासी विक्की उर्फ राहुल रंगा (27) और कराला निवासी विशाल उर्फ साहिल उर्फ लीलू (26) के रूप में हुई है। विक्की पर हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत चार, जबकि विशाल पर आर्म्स एक्ट के दो मामलों सहित तीन आपराधिक मुकदमें पहले से दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से दो अवैध पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, छह खाली खोखे और एक बाइक बरामद की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इसी बाइक का इस्तेमाल 30 जुलाई को गोगी गैंग और दिनेश कराला गैंग से जुड़े हरीश माथुर की हत्या में किया गया था।
रोहिणी जिले के पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने रविवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि स्पेशल स्टाफ को तकनीकी निगरानी और मुखबिर से सूचना मिली थी कि दोनों आरोपित यूईआर-2 रोड, माजरी गांव के पास आने वाले हैं। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपितों ने भागने की कोशिश करते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों को काबू कर लिया गया।
जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपित अमेरिका में बैठे टिल्लू ताजपुरिया गैंग के सरगना/सहयोगी के संपर्क में थे और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन ऐप के जरिए सीधे निर्देश ले रहे थे। आरोप है कि गैंग के विदेशी संचालक ने ही उन्हें सुनसान स्थान पर पिस्टल और वारदात के लिए पैसे उपलब्ध कराए थे।
पुलिस के अनुसार, हरीश माथुर की हत्या इसलिए की गई क्योंकि वह प्रतिद्वंद्वी गोगी गैंग से जुड़ गया था। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपितों ने गोगी और दिनेश कराला गैंग से जुड़े 5-6 लोगों की रेकी कर ली थी और आगे भी टारगेट किलिंग की तैयारी थी। समय रहते गिरफ्तारी होने से गैंगवार की नई वारदातें टल गईं।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

