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दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़, नौ आरोपित गिरफ्तार

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दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़, नौ आरोपित गिरफ्तार


नई दिल्ली, 22 मई (हि.स.)। राजधानी में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रोहिणी जिला पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 1568 ग्राम हेरोइन और 506 ग्राम कच्ची अफीम बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक बरामद कच्ची अफीम से करीब 1.5 से 2 किलोग्राम तक हेरोइन तैयार की जा सकती थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 16 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने हेरोइन की ढुलाई में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल और कच्ची अफीम ले जाने में इस्तेमाल एक बोलेरो कार भी जब्त की है।

उत्तरी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह ने पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर बताया कि यह कार्रवाई थाना बुध विहार में दर्ज एफआईआर संख्या 142/26 के तहत की गई। मामले की जांच के दौरान रोहिणी जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने लगातार कार्रवाई करते हुए नशे की सप्लाई चेन की परतें खोलनी शुरू कीं। इस अभियान का नेतृत्व एसीपी ऑपरेशन अजयमेर सिंह और स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप गोदारा ने किया।

संयुक्त पुलिस आयुक्त के अनुसार इस मामले में पहले गिरफ्तार आरोपित मनोज सोनी उर्फ विक्की से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं। उसके खुलासे के बाद 21 अप्रैल को रोहिणी जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने तिलक नगर इलाके में छापेमारी कर 30 वर्षीय संध्या को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 278 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।

संध्या से पूछताछ के बाद पुलिस की जांच उप्र तक पहुंची। सात मई को स्पेशल स्टाफ की टीम ने बरेली में दबिश देकर 51 वर्षीय मेहनाज उर्फ बेजी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 58 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मेहनाज पहले भी एनडीपीएस एक्ट के दो मामलों में शामिल रही है। इसके बाद 12 मई को पुलिस ने शाहजहांपुर में छापेमारी कर 28 वर्षीय यूनुस को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 578 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। यूनुस भी पहले एनडीपीएस के दो मामलों में शामिल रह चुका है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ में यूनुस ने बताया कि वह मणिपुर से कच्ची अफीम मंगाता था और अपने ठिकाने पर उसे प्रोसेस कर हेरोइन तैयार करता था। बाद में इसे दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य इलाकों में सप्लाई किया जाता था।

यूनुस से मिली जानकारी के आधार पर 17 मई को बाराबंकी में छापेमारी की गई। वहां से 40 वर्षीय शब्बीर को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। जांच में सामने आया कि वह अंतरराज्यीय ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था। मामले में सबसे अहम सफलता 20 मई को मिली, जब रोहिणी जिले की स्पेशल स्टाफ टीम मणिपुर के इंफाल पहुंची। लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने मोहम्मद इस्ताफाम और फुंद्रेइमायुम अमजद अली नामक दो आरोपितों को दबोच लिया। दोनों बोलेरो कार से कच्ची अफीम की खेप पहुंचाने आए थे। पुलिस ने जब वाहन की जांच की तो गियर बॉक्स की कैविटी के अंदर छिपाकर रखी गई 506 ग्राम कच्ची अफीम बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक यह वही कच्चा पदार्थ है जिसका इस्तेमाल हेरोइन तैयार करने में किया जाता है। शुरुआती जांच के अनुसार बरामद अफीम से करीब डेढ़ से दो किलोग्राम तक हेरोइन बनाई जा सकती थी। पुलिस ने बोलेरो कार भी जब्त कर ली है। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह में शामिल कुछ लोग पहले सामान्य कामकाज करते थे। 21 वर्षीय समीर अहमद पहले सदर बाजार इलाके में कॉस्मेटिक सामान की डिलीवरी करता था, जबकि आशीष सोनी डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम कर चुका था। पुलिस के अनुसार दोनों अधिक पैसे और कमीशन के लालच में नशे के कारोबार से जुड़ गए। संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह के अनुसार, इस कार्रवाई से दिल्ली और मणिपुर के बीच सक्रिय एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस अब इस गिरोह के आगे और पीछे दोनों नेटवर्क को खंगाल रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी