मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम, 40-50 लोगों के खिलाफ दो प्रकरण दर्ज
चित्तौड़गढ़, 21 अप्रैल (हि.स.)। सड़क हादसे में दंपती की मृत्यु के बाद मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर यातायात बाधित करने के मामले में कोतवाली निम्बाहेड़ा एवं सदर निम्बाहेड़ा थाना पुलिस ने 40-50 लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। घटना के दौरान आमजन, मरीजों और एम्बुलेंस के आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई।
पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि रविवार रात मंडावली और ढोरिया के बीच एक हाइड्रा क्रेन ने दो बाइक को टक्कर मार दी, जिससे एक बाइक सवार दंपती की मौके पर ही मृत्यु हो गई। दोनों शवों को निम्बाहेड़ा मोर्चरी में रखवाया गया।
सोमवार सुबह करीब 9:45 बजे सूचना मिली कि सरकारी अस्पताल निम्बाहेड़ा के सामने मृतकों के परिजन और आसपास के गांवों के लोग एकत्रित होकर मुख्य सड़क मार्ग की दोनों लेन जाम कर धरने पर बैठ गए। जाम के दौरान राहगीरों, मरीजों और एम्बुलेंस के आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई तथा कुछ लोगों के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की भी की गई। सूचना पर पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और समझाइश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए करीब डेढ़ घंटे तक मार्ग अवरुद्ध रखा। इस संबंध में कोतवाली निम्बाहेड़ा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इसी प्रकार सदर निम्बाहेड़ा थाना क्षेत्र में 19 अप्रैल की रात हुए सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद 20 अप्रैल को कचरिया खेड़ी गांव के पास निम्बाहेड़ा-मंगलवाड़ मार्ग पर कुछ लोगों ने लकड़ी और पत्थर डालकर रास्ता जाम कर दिया। मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होकर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समझाइश की तथा बताया कि दुर्घटना में शामिल हाइड्रा वाहन को डिटेन कर लिया गया है और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही बीमा प्रक्रिया के तहत मुआवजा मिलने की बात कही गई, लेकिन वाहन मालिक को मौके पर बुलाकर भुगतान कराने की मांग का कोई प्रावधान नहीं होने की जानकारी दी गई। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने करीब 30-40 मिनट तक सड़क जाम रखा, जिससे यातायात बाधित हुआ और कानून व्यवस्था प्रभावित हुई।
दोनों ही मामलों में पुलिस ने नामजद एवं अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

