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मोनू हत्याकांड में शव रखकर परिजनाें ने किया सड़क जाम, खुलासे की मांग

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मोनू हत्याकांड में शव रखकर परिजनाें ने किया सड़क जाम, खुलासे की मांग


कानपुर, 28 अप्रैल (हि.स.)। कैंट थाना क्षेत्र के नई बस्ती गोला घाट निवासी मोनू (35) की हत्या कर पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा जला दिया गया। वह रविवार शाम घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। सोमवार सुबह उसका शव उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र के नरबीजपुर गांव में सड़क किनारे संदिग्ध हालत में मिला। सूचना पर पहुंची गंगाघाट पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार को परिजनों ने शव को गोलाघाट तिराहे पर रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस के समझाने पर प्रदर्शनकारी शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए।

घटनास्थल और करीब 10 फीट दूर खाली प्लॉट में खून के निशान मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी। पुलिस ने पहले शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में परिजन मौके पर पहुंचे और कपड़ों के आधार पर शव की पहचान मोनू के रूप में की।

परिजनों के अनुसार मोनू रविवार शाम घर से 30 हजार रुपये की व्यवस्था के लिए निकला था। दोस्त बापन पाल के मुताबिक उसने पैसे की जरूरत बताते हुए पत्नी का मांगटीका गिरवी रखने की बात कही थी। इसके बाद उसकी शुक्लागंज के चंपापुरवा निवासी एक युवक से फोन पर बात हुई। रात करीब 8:30 बजे उसे मरहला चौराहे पर छोड़ गया, जिसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया।

अगले दिन सोमवार को गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद परिजन उसकी तलाश करते रहे। मंगलवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर पहुंचे परिजनों ने शुक्लागंज पुल मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और हंगामा किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।

मृतक की पत्नी सात महीने की गर्भवती है उसने बताया कि आखिरी बार बातचीत के दौरान मोनू घबराया हुआ लग रहा था और फोन अचानक बंद हो गया।

डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि घटना उन्नाव क्षेत्र से जुड़ी है, वहां जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप