36 घंटे में रिजवान हत्याकांड का खुलासा, पत्नी और उसके सहयोगी गिरफ्तार
किशनगंज, 06 जुलाई (हि.स.)। किशनगंज पुलिस ने बिशनपुर थाना क्षेत्र में 42 वर्षीय रिजवान आलम की हत्या के सनसनीखेज मामले का महज 36 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी डेजी परवीन और उसके सहयोगी अनवर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों ने अवैध संबंधों के चलते योजनाबद्ध तरीके से हत्या को अंजाम दिया और घटना को चोरी का रूप देने का प्रयास किया। पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 खुसरू सिराज के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान, पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा सोमवार को किया।
घटना 4 जुलाई की सुबह सामने आई थी, जब रिजवान आलम अपने घर के बेडरूम में मृत पाए गए। मृतक के पिता नजीर आलम के बयान पर बिशनपुर थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। शुरुआती पूछताछ में मृतक की पत्नी बार-बार चोरी की कहानी बताकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करती रही। हालांकि तकनीकी जांच में उसके एक युवक से लगातार संपर्क में रहने का पता चला।
पूछताछ में युवक की पहचान अनवर हुसैन के रूप में हुई। पुलिस ने जब अनवर से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, अनवर ने बताया कि उसका डेजी परवीन से करीब नौ वर्षों से संबंध था। हाल ही में रिजवान को दोनों के रिश्ते की जानकारी हो गई थी और वह विदेश वापस नहीं जाने का निर्णय ले चुका था। इससे दोनों को अपने संबंध उजागर होने का डर था। इसी कारण दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।
योजना के तहत घटना की रात डेजी ने अनवर को घर बुलाया। कमरे का दरवाजा खुला छोड़ दिया गया और गहरी नींद में सो रहे रिजवान के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद दोनों ने मृतक और डेजी के मोबाइल फोन तथा हत्या में प्रयुक्त रॉड को ठिकाने लगाकर चोरी का नाटक रचा।
अनवर की निशानदेही पर पुलिस ने नदी से हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड तथा बांसबाड़ी में जमीन के अंदर गाड़े गए दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का भी संकलन किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

