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रीवा में तस्कर की फरारी को लेकर साजिश का शक, प्रोडक्शन वारंट से जुड़ी कड़ी की जांच

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रीवा में तस्कर की फरारी को लेकर साजिश का शक, प्रोडक्शन वारंट से जुड़ी कड़ी की जांच


रीवा, 1 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा में ओडिशा पुलिस की अभिरक्षा से फरार हुए कथित गांजा तस्कर आदित्य मिश्रा की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसकी फरारी के पीछे पहले से बनाई गई साजिश की आशंका है। जांच में यह बात सामने आने की बात कही जा रही है कि आदित्य ने ही रीवा न्यायालय में प्रोडक्शन वारंट के लिए आवेदन लगवाया था। इसी वारंट के आधार पर ओडिशा पुलिस उसे रीवा लेकर आ रही थी और रास्ते में उसके साथियों ने पुलिस वाहन को रोककर उसे छुड़ा लिया।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या न्यायालय में प्रोडक्शन वारंट के लिए आवेदन करना फरारी की कथित साजिश का हिस्सा था। आशंका है कि ओडिशा की जेल से आदित्य को सड़क मार्ग से रीवा लाए जाने की जानकारी उसके साथियों तक पहले ही पहुंच गई थी।

रीवा-शहडोल सीमा के पास पुलिस वाहन रोकने का दावा

पुलिस सूत्रों के अनुसार आदित्य मिश्रा ओडिशा की जेल में बंद था। उसके वकील के माध्यम से रीवा न्यायालय में पुराने मामले में प्रोडक्शन वारंट के लिए आवेदन कराया गया था। न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद ओडिशा पुलिस उसे रीवा कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर रवाना हुई।

पुलिस के अनुसार रास्ते में रीवा-शहडोल सीमा के पास घाटी के सुनसान इलाके में दो वाहनों में सवार बदमाशों ने पुलिस वाहन को ओवरटेक कर रोक लिया। इस दौरान हवाई फायरिंग किए जाने और आदित्य को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाकर जंगल की ओर ले जाने की बात सामने आई है। पुलिस वाहन के शीशे पर गोली का निशान भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है।

पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान करने के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को पुलिस वाहन की आवाजाही और रूट की जानकारी कैसे मिली।

तीन जिलों की पुलिस तलाश में जुटी

घटना के बाद रीवा पुलिस ने आदित्य मिश्रा की तलाश तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रीवा, सीधी और मऊगंज जिले की पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज, टोल नाकों के डेटा और मोबाइल लोकेशन सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ संदिग्धों को चिन्हित किया गया है। इनमें सतना के जस्सा गैंग और शहडोल के दो कथित तस्करों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि इनकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस की कई टीमें आदित्य के गांव और उसके रिश्तेदारों के संभावित ठिकानों पर भी दबिश दे रही हैं। संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर रखकर आरोपियों की लोकेशन और आपसी संपर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

घटना से जुड़े सुराग जुटाने में लगी पुलिस

पुलिस को घटना स्थल के आसपास से कुछ सामान और दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें एक टूटा हुआ मोबाइल भी शामिल बताया जा रहा है। पुलिस इन सामानों की जांच के आधार पर फरार आरोपी और उसके सहयोगियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। ओडिशा पुलिस की टीम भी रीवा में मौजूद है और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर फरार आरोपी की तलाश कर रही है। फिलहाल आदित्य मिश्रा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस इस मामले में प्रोडक्शन वारंट से लेकर फरारी की घटना तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आदित्य को रास्ते में छुड़ाने की योजना पहले से बनाई गई थी या घटना के दौरान ही इसे अंजाम दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी