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सेवानिवृत्त एडीजी को डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की ठगी करने वाला महाराष्ट्र से गिरफ्तार

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सेवानिवृत्त एडीजी को डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की ठगी करने वाला महाराष्ट्र से गिरफ्तार


जयपुर, 17 अक्टूबर (हि.स.)। सेवानिवृत्त एडीजी को डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ 12 लाख 10 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में जयपुर के सेंट्रल साइबर पुलिस थाने ने एक और आरोपित को महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार किया है। आरोपित रविंद्र जितेंद्र प्रसाद सिंह उर्फ अक्षय सिंह उर्फ देवा पेशे से जिम ट्रेनर है। पुलिस उसे ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लेकर आई है। इस मामले में अब तक सात आरोपिताें को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह के अनुसार जयपुर निवासी सेवानिवृत्त एडीजी (जीएसआई) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 9 से 18 अगस्त 2026 के बीच आरोपिताें ने फोन और व्हाट्सएप कॉल के जरिए खुद को पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताया। आरोपिताें ने परिवादी को मनी लॉन्ड्रिंग और गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने तथा गिरफ्तारी वारंट जारी होने का भय दिखाया। उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर रहने, किसी से संपर्क नहीं करने और अपनी लाइव लोकेशन चालू रखने के लिए मजबूर किया गया।

डर और दबाव में आकर परिवादी ने 13 अगस्त को आईसीआईसीआई बैंक के खाते में 2 करोड़ 2 लाख रुपए और 18 अगस्त को यस बैंक के खाते में 10 लाख 10 हजार रुपए आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल 2 करोड़ 12 लाख 10 हजार रुपए की ठगी की गई।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट और बैंक खातों के विवरण का विश्लेषण कर आरोपी की पहचान की। जांच में सामने आया कि रविंद्र टेलीग्राम पर संचालित ‘बीआरओ पे चैनल’ के माध्यम से साइबर अपराधियों के संपर्क में आया था। पैसों के लालच में वह गिरोह के अन्य सदस्यों को होटलों में ठहराने, उनकी निगरानी करने, पहचान छिपाकर सिम कार्ड इस्तेमाल करने और बैंकिंग दस्तावेज संभालने का काम करता था।

उप महानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के अनुसार आरोपी ने पार्सल के जरिए मिले मोबाइल फोन में ‘DooFlix_v9.9b.apk’ नाम की संदिग्ध एपीके फाइल भी इंस्टॉल की थी। वह बैंक खातों के दुरुपयोग और ठगी की रकम को अलग-अलग स्तरों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में भी सहयोग कर रहा था।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश