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संभल : गंगा नदी किनारे की 71 हेक्टेयर जमीन का गलत आवंटन करने में तत्कालीन एसडीएम समेत छह गिरफ्तार

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संभल : गंगा नदी किनारे की 71 हेक्टेयर जमीन का गलत आवंटन करने में तत्कालीन एसडीएम समेत छह गिरफ्तार


संभल, 04 जुलाई (हि.स.)। जनपद संभल की गुन्नौर तहसील क्षेत्र में वर्ष 2019 में गंगा नदी किनारे की 71 हेक्टेयर से अधिक भूमि दस्तावेजों में हेरफेर कर 162 लोगों को आवंटित करने के मामले में पुलिस ने 2021 में गुन्नौर तहसील से बर्खास्त किए गए तत्कालीन एसडीएम ओमवीर सिंह, तत्कालीन चकबंदी अधिकारी महेंद्र सिंह (सेवानिवृत) व हरदोई में मौजूदा समय में तैनात चकबंदी कर्ता भीमराव सिंह, सेवानिवृत हो चुके तत्कालीन राजस्व निरीक्षक राजवीर सिंह एवं पूर्व ग्राम प्रधान असदपुर विक्रांत एवं गुन्नौर निवासी अधिवक्ता जय भारद्वाज को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया है।

वहीं हाथरस के सहायक चकबंदी अधिकारी मनवीर सिंह, हरदोई में तैनात चकबंदीकर्ता भीमराव सिंह और गुन्नाैर तहसील में तैनात राजस्व लेखपाल अमित को निलंबित कर दिया गया है। जबकि एसडीएम सुल्तानपुर करम सिंह के निलंबन के लिए डीएम ने शासन से संस्तुति की है। बताया जाता है कि गंगा की भूमि का आवंटन नहीं किया जाता लेकिन अफसरों ने भूमि की श्रेणी बदलकर हेरफेर किया। डीएम अंकित खंडेलवाल ने बताया कि जो पट्टे आवंटित किए गए थे उनके स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। क्योंकि आवंटन गलत है लिहाजा सभी पट्टे निरस्त होंगे।

रजपुरा क्षेत्र के गांव बसंतपुर निवासी लेखपाल स्वाति शर्मा ने दो जुलाई को पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह वर्तमान में गांव भौना नंगला असदपुर तहसील गुन्नौर में हल्का लेखपाल के पद पर कार्यरत हैं। गैर आबाद गांव सुखैला हल्का क्षेत्र भौना नंगला के अंतर्गत आता है। उन्होंने तहरीर में बताया कि 12 मार्च 2007 को गांव में चकबंदी प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस दौरान गंगा की जमीन की श्रेणी बदलकर कृषि भूमि दर्शा दिया। इसके बाद तत्कालीन चकबंदी अधिकारी व कर्मचारियों ने अलग-अलग समय में पट्टे कर दिए।

कुल 71.5500 हेक्टेयर गंगा की भूमि की श्रेणी बदली गई। हेरफेर कर यह भूमि रेत के खाते की श्रेणी 5 (3) से श्रेणी 6 (4) में दर्ज कर दी गई। बताया कि इस फर्जीवाड़े के संज्ञान में आने पर 2018 में थाना गुन्नौर में मुकदमा अपराध संख्या 480/2018 दर्ज हुआ था। तत्कालीन उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी पट्टों का आवंटन निरस्त कर दिया गया। हालांकि, 29 जून 2019 को तत्कालीन एसडीएम ओमवीर सिंह ने फिर से 162 लाभार्थियों के लिए भूमि का आवंटन कर दिया था। जबकि नियमानुसार गंगा किनारे की भूमि को आवंटित नहीं किया जा सकता था।

19 मार्च 2020 को चकबंदी विभाग ने इसे अंकित किया। 10 अगस्त 2020 को एक रिपोर्ट में 162 के बजाय 140 लाभार्थियों को 56.0820 हेक्टेयर क्षेत्र आवंटित करने की बात कही गई थी। तहरीर में उन्होंने बताया कि जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व जय भारद्वाज से विधिक परामर्श के बाद 21 जनवरी 2022 को सहायक चकबंदी अधिकारी के हस्ताक्षर से गंगा श्रेणी की भूमियों का अमल दरामद किया था। इस आवंटन में राजस्व संहिता 2006 की धारा 119 से 126 का उल्लंघन हुआ। विशेषकर धारा 125 का पालन नहीं किया गया। 31 मार्च 2023 को 17 अपात्र लाभार्थियों के आवंटन निरस्त हुए। इसके बावजूद 145 लाभार्थियों के नाम अभी भी अभिलेखों में दर्ज हैं।

इस विषय में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक संभल कृष्ण कुमार बिश्नोई ने शनिवार काे बताया कि गुन्नौर तहसील क्षेत्र में गंगा की भूमि का आवंटन करने के मामले में पुलिस ने 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है जिसमें से 06 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में तत्कालीन उपजिलाधिकारी गुन्नौर ओमवीर सिंह, तत्कालीन डीजीसी तथा उस समय के प्रधान भी शामिल हैं। आगे जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह पूरा मामला 71.55 हेक्टेयर जमीन से जुड़ा हुआ है।

हिन्दुस्थान समाचार / Nitin Sagar