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पन्ना : नाबालिग का गर्भसमापन कराने के मामले में मेस्कॉट अस्पताल का पंजीयन निरस्त

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पन्ना : नाबालिग का गर्भसमापन कराने के मामले में मेस्कॉट अस्पताल का पंजीयन निरस्त


पन्‍ना, 24 अक्टूबर (हि.स.)। नाबालिग किशोरी का गर्भसमापन कराने के मामले में मध्यप्रदेश के पन्‍ना जिले के मेस्कॉट अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। जांच में अस्पताल के पास गर्भसमापन की प्रक्रिया करने की आवश्यक अधिकृत अनुमति नहीं होने और नाबालिग से जुड़े संवेदनशील मामले में पुलिस तथा बाल कल्याण समिति को सूचना नहीं देने की बात सामने आई। अस्पताल प्रबंधन से मांगा गया जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने यह कार्रवाई की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय ने राज्य शासन के आदेश के परिपालन में 21 अक्टूबर को पंजीयन निरस्त करने का आदेश जारी किया।

जानकारी के अनुसार, 19 जुलाई 2026 की रात एक नाबालिग आदिवासी किशोरी को मेस्कॉट अस्पताल लाया गया था। किशोरी की उम्र 18 वर्ष से कम थी और अस्पताल के अभिलेखों में उसकी उम्र 15 वर्ष दर्ज थी। जांच रिपोर्ट और किशोरी की मां के शपथ पत्र के आधार पर गर्भ की अवधि पांच से छह माह बताई गई है। इसके बाद अस्पताल में गर्भसमापन की प्रक्रिया कराई गई।

मामला सामने आने के बाद इसकी गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर अनुविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में जांच कराई गई। संयुक्त जांच प्रतिवेदन और जिला स्तरीय मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी समिति में हुई चर्चा के बाद अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

जांच में सामने आया कि मेस्कॉट अस्पताल गर्भसमापन की प्रक्रिया करने के लिए अधिकृत नहीं था। इसके बावजूद अस्पताल में गर्भसमापन कराया गया। जांच में यह भी पाया गया कि किशोरी की उम्र 18 वर्ष से कम होने के बावजूद पुलिस और बाल कल्याण समिति को नियमानुसार सूचना नहीं दी गई।

ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियों को सूचना देना आवश्यक होता है, ताकि नाबालिग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ मामले की परिस्थितियों की जांच की जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई की।

मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रुजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई। अधिनियम की धारा 5 के नियम 5 का उल्लेख करते हुए मेस्कॉट अस्पताल का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश जारी किया गया।

आदेश की प्रतियां लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं। उपलब्ध आदेश में आगे की पुलिस जांच अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। अब मामले में संबंधित एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश पांडे