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जबलपुर : रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने निलंबित चौकीदार से बताया खतरा, कुलगुरू से मांगी सुरक्षा

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जबलपुर : रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने निलंबित चौकीदार से बताया खतरा, कुलगुरू से मांगी सुरक्षा


जबलपुर, 26 सितंबर (हि.स.)। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल ने निलंबित चौकीदार रविंद्र तिवारी से खुद को खतरा बताते हुए कुलगुरू से कार्यालय और निवास पर सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। कुलसचिव ने इस संबंध में 21 और 24 सितंबर को कुलगुरू को पत्र भेजे हैं। दोनों पत्रों की प्रतियां सिविल लाइन थाना प्रभारी और उच्च शिक्षा विभाग के अपर सचिव को भी भेजी गई हैं।

कुलसचिव ने अपने पत्र में बताया कि कार्य में कदाचरण के आरोप में उन्होंने चौकीदार रविंद्र तिवारी को निलंबित किया है। उनका आरोप है कि तिवारी का व्यवहार उग्र है और वह अक्सर नशे की हालत में रहता है। पूर्व में भी उसके नशे की हालत में कुलसचिव कार्यालय पहुंचने का उल्लेख पत्र में किया गया है। उस समय कर्मचारियों द्वारा समझाइश देकर उसे वापस भेजे जाने की बात कही गई है।

थाना प्रभारी शशि धुर्वे ने शनिवार को बात करते हुए बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। इस शिकायत पर गम्भीरता से जांच की जा रही है। इस मामले में कुलसचिव के बयान होना है, जिन्हें बुलाया गया है।

कुलगुरू को भेजे पत्र में कुलसचिव ने विश्वविद्यालय के पूर्व सहायक कुलसचिव पवन साहू से रविंद्र तिवारी के कथित विवाद का भी उल्लेख किया है। पत्र के अनुसार, तिवारी ने पवन साहू के साथ झूमाझटकी, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया था। आरोप है कि इसके बाद पवन साहू के घर पहुंचकर भी गाली-गलौज की गई और दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया गया।

कुलसचिव के अनुसार, तिवारी ने पवन साहू पर महिला उत्पीड़न से जुड़े आरोप लगाकर उनकी सामाजिक और प्रशासनिक छवि खराब करने का प्रयास भी किया।

पत्र में कहा गया है कि यह मामला फिलहाल जांच के स्तर पर है और पवन साहू ने विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ सिविल लाइन थाना पुलिस को भी शिकायत दी थी।

डॉ. सोनवाल ने पत्र में कहा है कि वह वर्तमान में जबलपुर में अकेले निवास कर रहे हैं। निलंबन के बाद उनके खिलाफ षड्यंत्र या किसी तरह का कुचक्र रचे जाने की आशंका है। उन्होंने झूठी शिकायतों के साथ ही खुद को नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका भी जताई है।

कुलसचिव ने कुलगुरू से कार्यालय और निवास पर सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए कहा कि सुरक्षा मिलने से वह भयमुक्त होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

21 सितंबर को दिए गए आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने का हवाला देते हुए कुलसचिव ने 24 सितंबर को दोबारा पत्र भेजा। उन्होंने कहा कि पहले दिए गए आवेदन पर अब तक कोई कार्रवाई या आदेश नहीं हुआ है। घटना के बाद से वह लगातार डरे और भयग्रस्त हैं, जिसके कारण कार्यालयीन कार्य भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने एक बार फिर सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक