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मानसिक रूप से दिव्यांग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपित को 10 वर्ष की हुई सजा

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मानसिक रूप से दिव्यांग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपित को 10 वर्ष की हुई सजा


सुकमा, 9 सितंबर (हि.स.)। जिले में मानसिक रूप से दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के मामले में दंतेवाड़ा की एफटीसी न्यायालय के न्यायाधीश भूपत सिंह साहू ने आज बुधवार काे आरोपित अशोक यादव को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष का कारावास एवं 1 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार पीड़िता मानसिक रूप से कमजोर थी और 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। 24 फरवरी 2025 को वह शाम करीब 4 बजे घर से निकली थी। करीब 6 बजे घर लौटने के बाद वह रो रही थी। परिजनों के पूछने पर उसने तत्काल कुछ नहीं बताया। इसके बाद वह लगातार तीन-चार दिन तक रोती रही और खाना भी नहीं खा रही थी। 28 फरवरी को परिजनों के पूछने पर उसने घटना की जानकारी दी।

पीड़िता ने बताया कि, गांव के युवक अशोक यादव (22) ने उसे रामाराम स्कूल के पास बुलाया था। इसके बाद आरोपित उसका हाथ पकड़कर जबरदस्ती आत्मानंद स्कूल की बाउंड्री के अंदर ले गया। आरोप है कि वहां उसने पीड़िता के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। पीड़िता ने आरोपित को धक्का देकर भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपित ने उसे पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

परिजन की लिखित शिकायत पर केरलापाल थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने पीड़िता का महिला चिकित्सा अधिकारी से मेडिकल कराया और रिपोर्ट केस डायरी में शामिल की। घटनास्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा और पंचनामा तैयार कराया गया। पीड़िता समेत अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। जांच में आरोपित की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने अशोक यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में अंतिम प्रतिवेदन पेश किया। मामला सत्र न्यायालय दंतेवाड़ा पहुंचा, जहां अभियोजन की ओर से दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपित को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 64(2) (ट) के तहत दोषी माना। इसके बाद न्यायाधीश ने उसे 10 वर्ष के कारावास और 1 हजार रु अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे