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राजकुमार चौहान हत्याकांड में दो और आरोपित गिरफ्तार

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राजकुमार चौहान हत्याकांड में दो और आरोपित गिरफ्तार


गोरखपुर, 26 मार्च (हि.स.)। चिलुआताल थाना क्षेत्र में 17 मार्च को हुए बहुचर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने हत्या की साजिश में सहयोग और हथियारों की सप्लाई से जुड़े अहम तथ्यों का खुलासा किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस, आलाकत्ल चाकू और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में चिलुआताल थाना पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अभियुक्तों में मनीष यादव पुत्र सदानन्द यादव निवासी बरगदवां थाना चिलुआताल तथा सचिन यादव पुत्र सुबाष यादव निवासी लक्षीपुर यादव टोला थाना गोरखनाथ शामिल हैं। पुलिस ने मनीष यादव के पास से .32 बोर की पिस्टल, मैगजीन, दो जिंदा कारतूस और एक मोबाइल बरामद किया है। वहीं सचिन यादव की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल, दो मैगजीन, दो जिंदा कारतूस, आलाकत्ल चाकू और मोबाइल फोन बरामद किया गया।

साजिश में भूमिका और हथियारों का कनेक्शन

विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि हत्या में प्रयुक्त पिस्टल मनीष यादव द्वारा कुछ माह पूर्व मुख्य आरोपी राज चौहान उर्फ निरहू को उपलब्ध कराई गई थी। मनीष यादव का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसमें वह हरियाणा में अवैध असलहा तस्करी के मामले में पहले गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि वह असलहों की आपूर्ति में संलिप्त रहा है।

वहीं, पहले से गिरफ्तार अभियुक्त राज चौहान उर्फ निरहू और विपिन यादव से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने पिस्टल और चाकू को छिपाने के लिए अपने साथी सचिन यादव को सौंप दिया था। इसके बाद पुलिस ने सचिन यादव को हिरासत में लेकर उसकी निशानदेही पर हथियारों की बरामदगी की।

आपराधिक इतिहास और आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार अभियुक्त मनीष यादव के खिलाफ गोरखपुर और हरियाणा में मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सचिन यादव के खिलाफ भी इस हत्याकांड में मुकदमा दर्ज है।

पुलिस का कहना है कि मामले में अभी भी अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीमें लगी हुई हैं। साथ ही, पूरे नेटवर्क और साजिश के अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस हत्याकांड के सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय