राजगढ़ः हाथ-पैर काटकर लूट व हत्या के मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास
राजगढ़, 21 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के बहुचर्चित हत्या और लूट के मामले में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा की अदालत ने मंगलवार को आरोपित कमल, दिनेश और ख्वाजू को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही धारा 397/34 भादवि में 7 वर्ष तथा धारा 201 भादवि में 3 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया। आरोपी ख्वाजू को आर्म्स एक्ट के तहत अतिरिक्त 2 वर्ष की सजा भी दी गई है। सभी पर कुल 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी सहायक संचालक अभियोजन आलोक श्रीवास्तव ने की।
अभियोजन के अनुसार 25 फरवरी 2022 को मल्हारपुरा-माचलपुर रोड के पास एक खंती में महिला का शव मिला था। मृतका की पहचान शांतिबाई उर्फ शैतानबाई निवासी पदमपुरा के रूप में हुई। उसके दोनों पैर काटे गए थे और गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। मृतका के पुत्र ने बताया कि वह शादी समारोहों में खाना बनाने के लिए आरोपियों के साथ जाती थी और घटना से एक दिन पहले भी उन्हीं के साथ गई थी। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें पिकअप वाहन से चांदी के कड़े और हथियार बरामद किए गए। इस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मजबूत कड़ी जैसे अंतिम बार साथ देखे जाना, बरामद सामान, डीएनए मिलान और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने सभी को दोषी ठहराया। जिले में हाथ-पैर काटकर लूट की घटनाओं में यह पहला मामला है, जिसमें आरोपियों को कठोर सजा मिली है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

