राजलक्ष्मी बैंक लोन घोटाले में आठ साल से फरार दंपती गिरफ्तार
जयपुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। माणकचौक थाना पुलिस ने दी राजलक्ष्मी महिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में फर्जी दस्तावेज के आधार पर करोड़ों रुपये के ऋण हड़पने के मामले में करीब आठ साल से फरार चल रहे दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। गिरफ्तार आरोपित प्रकाश भारद्वाज (54) और उसकी पत्नी निशा भारद्वाज (48) प्रताप नगर सांगानेर निवासी हैं।
पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करण शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपित गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने निवास और ठिकाने बदल रहे थे। जिस पर थानाधिकारी राकेश ख्यालिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर तंत्र की मदद से सादा कपड़ों में निगरानी रखी और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
थानाधिकारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां जयपुर शहर की ओर से वर्ष 2018 में कराई गई धारा 55 की जांच में बैंक में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था। इसके बाद बैंक के तत्कालीन ऋण प्रभारी सादत अली ने 28 सितंबर 2018 को माणकचौक थाने में मामला दर्ज कराया था।
इस मामले में बैंक की तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. फिरोजा बानो, तत्कालीन बैंक अधिकारी-कर्मचारी, ऋणी, गारंटर, मूल्यांकक और अधिवक्ताओं सहित कुल 59 नामजद आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि फर्जी सोसायटियों के पट्टे और विवादित अथवा फर्जी संपत्तियों के दस्तावेज बैंक में गिरवी रखकर नियमों के विपरीत 13 ऋण खाते स्वीकृत करवाए गए और करोड़ों रुपए की राशि हड़प कर बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

