छुरी में राज ज्वेलर्स लूटकांड का खुलासा: दो आरोपित गिरफ्तार, तीसरा फरार
कोरबा, 06 जुलाई (हि. स.)। कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बहुचर्चित राज ज्वेलर्स, छुरी लूटकांड का खुलासा करते हुए बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है, जबकि एक आरोपित अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपित पूर्व में हत्या, दुष्कर्म सहित अन्य गंभीर अपराधों में जेल जा चुके थे और वहीं उनकी आपस में दोस्ती हुई थी। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने सुनियोजित तरीके से लूट की योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार 1 जुलाई 2026 को दोपहर करीब एक बजे छुरीकला स्थित राज ज्वेलर्स में तीन बदमाश ग्राहक बनकर पहुंचे। तीनों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए गमछे से चेहरा ढंक रखा था, जिनमें एक आरोपित महिला के भेष में था। चांदी की अंगूठी दिखाने के बहाने दुकानदार राजकुमार अग्रवाल को काउंटर तक बुलाया गया। इसी दौरान एक आरोपित ने दुकान का दरवाजा बंद कर दिया, जबकि दूसरे ने देशी कट्टा निकालकर दुकानदार की छाती पर तान दिया और आंखों में मिर्च पाउडर डालने का प्रयास किया। इसके बाद आरोपित दुकान में रखे आभूषण बैग में भरने लगे।
वारदात के दौरान दुकान के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी, जिससे घबराकर आरोपित मौके से फरार हो गए। भागने की जल्दबाजी में वे चोरी की बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल और देशी कट्टा घटनास्थल पर ही छोड़ गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा नीतीश कुमार ठाकुर तथा नगर पुलिस अधीक्षक दर्री विमल कुमार पाठक के मार्गदर्शन में कटघोरा थाना एवं साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की।
जांच में पता चला कि आरोपित पुलिस से बचने के लिए जंगल के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस टीम ने जशपुर, पत्थलगांव, धरमजयगढ़, सीतापुर और अंबिकापुर सहित कई स्थानों पर दबिश दी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर गोपाल सिंह गोंड (38 वर्ष) निवासी घुचापुर एवं परदेशी राठिया (40 वर्ष) निवासी जिलगा (बरपाली) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया, जबकि तीसरा आरोपित विष्णु प्रसाद राठिया निवासी कोलगा अब भी फरार है।
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपित पूर्व में हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर मामलों में जेल की सजा काट चुके हैं। जेल में ही उनकी दोस्ती हुई और रिहाई के बाद उन्होंने चोरी की मोटरसाइकिल तथा देशी कट्टे की मदद से लूट की योजना बनाई। गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मोतीलाल पटेल, निरीक्षक धर्मनारायण तिवारी, साइबर थाना के उपनिरीक्षक अजय सोनवानी सहित कटघोरा थाना एवं विशेष टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

