बिछड़ों को अपनों से मिलाने में जुटी पुलिस, 39 परिवारों को मिली राहत, 11 की तलाश जारी
रायपुर में गुमशुदगी के 50 मामलों में विशेष अभियान से मिली सफलता, किसी के साथ अपराध या अनहोनी की पुष्टि नहीं
रायपुर, 30 अक्टूबर। किसी का बेटा काम की तलाश में घर से निकल गया था, कोई परिवार से नाराज होकर चला गया तो कोई प्रेम संबंधों के चलते घर छोड़कर अपनी नई जिंदगी बसाने निकल पड़ा। कुछ लोग नवरात्रि में परिजनों को बिना बताए डोंगरगढ़ दर्शन करने चले गए। पीछे रह गए परिवारों ने अनहोनी की आशंका में पुलिस से गुहार लगाई और गुमशुदगी दर्ज कराई। अब ऐसे ही बिछड़े परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। रायपुर पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 39 लापता लोगों को खोज निकाला और उन्हें उनके परिजनों से मिलवा दिया है। हालांकि, अभी 11 लोगों की तलाश जारी है।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन में लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए चलाए गए इस अभियान में पुलिस को उल्लेखनीय सफलता मिली है। सेंट्रल जोन डीसीपी तारकेश्वर पटेल के निर्देशन और एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला के मार्गदर्शन में विभिन्न थानों की टीमों ने लगातार पतासाजी और आपसी समन्वय से यह सफलता हासिल की। 30 अक्टूबर तक कुल 50 गुमशुदगी के मामलों में से 39 लोगों का पता लगाया जा चुका है।
थानावार आंकड़ों पर नजर डालें तो कोतवाली में 5 में से 4, गोलबाजार में 4 में से 3, मौदहापारा में 12 में से 11, गंज में 7 में से 4, सिविल लाइन में 10 में से 6, तेलीबांधा में 8 में से 7 और देवेंद्र नगर में दर्ज सभी 4 मामलों में लापता व्यक्तियों को खोज लिया गया है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि इन लोगों के घर छोड़ने के पीछे अलग-अलग व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियां थीं। किसी ने रोजगार की तलाश में घर छोड़ा तो कोई पारिवारिक विवाद या नाराजगी के कारण चला गया। कुछ लोग मानसिक अस्वस्थता के कारण परिवार से बिछड़ गए। वहीं, प्रेम संबंधों के चलते घर छोड़ने और विवाह करने के मामले भी सामने आए।
इस बीच पुलिस ने उन भ्रामक खबरों पर भी स्थिति स्पष्ट की है, जिनमें इन गुमशुदगी के मामलों को सामूहिक अपहरण की घटनाओं के रूप में प्रचारित किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, अब तक मिले सभी 39 लोगों के बयान और जांच में किसी के साथ अपराध या अनिष्ट होने की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि 22 मई 2026 के बाद दर्ज गुमशुदगी की सूचनाओं पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआईआर दर्ज करना निर्धारित प्रक्रिया है। केवल एफआईआर दर्ज होने का अर्थ अपहरण होना नहीं है।
फिलहाल पुलिस की टीमें शेष 11 लोगों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और बिना पुष्टि के ऐसी सूचनाएं साझा करने से बचें।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

