रायपुर में साधु बनकर 15 लाख की ठगी, एक आरोपित और बालक गिरफ्तार
- बीमारी और घरेलू समस्याओं के समाधान का झांसा देकर ऐंठे थे जेवरात व नकदी, तीन लाख के आभूषण बरामद
रायपुर, 29 अक्टूबर (हि. स.)। राजधानी रायपुर में साधु-बाबा बनकर पूजा-पाठ के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का गंज थाना पुलिस ने गुरुवार को खुलासा किया है।
मामले में पुलिस ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी एक आरोपित गुरुदयाल सिंह उर्फ दल्लू (22) और विधि से संघर्षरत एक बालक को पकड़ा है। आरोपितों के कब्जे से करीब तीन लाख रुपये कीमत के 17 ग्राम सोने के आभूषण और घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जब्त किया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपित फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, फाफाडीह स्थित जयलक्ष्मी कॉम्प्लेक्स निवासी जसवंत परमार ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, मार्च 2026 में तीन अज्ञात व्यक्ति साधु के वेश में उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने प्रार्थी की पत्नी की बीमारी, आंखों की परेशानी और घरेलू समस्याओं के बारे में सटीक बातें बताकर विश्वास जीत लिया। इसके बाद पूजा-पाठ के नाम पर सोने की अंगूठी और नकदी ली। कुछ दिन बाद दोबारा पहुंचकर जेवरात वापस करने का झांसा देते हुए सोने की चेन समेत अन्य आभूषण भी ले लिए।
आरोपितों ने किसी को घटना की जानकारी देने पर परिवार के सदस्यों की मृत्यु होने और अनिष्ट होने का डर दिखाकर महिला को चुप रहने की धमकी दी। 7 सितंबर 2026 से आरोपितों ने फोन कर और जेवरात व नकदी की मांग शुरू की, जिसके बाद ठगी का संदेह हुआ। इस तरह करीब 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत पर गंज थाने में अपराध क्रमांक 283/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल नंबरों के विश्लेषण के आधार पर आरोपितों की पहचान की। पूछताछ में गुरुदयाल सिंह ने अपने भाई और अन्य साथी के साथ मिलकर ठगी करना स्वीकार किया। पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई की गई। फरार आरोपितों की तलाश के साथ ही गिरोह द्वारा अन्य वारदात किए जाने की आशंका पर भी जांच जारी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

