home page

27 दिन बाद हुई व्यापारी की पहचान, अज्ञात शव का अंतिम संस्कार करने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

 | 
27 दिन बाद हुई व्यापारी की पहचान, अज्ञात शव का अंतिम संस्कार करने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल


कानपुर, 01 अगस्त (हि.स.)। सचेण्डी थाना क्षेत्र से लापता आलू व्यापारी की पहचान 27 दिन बाद होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज होने और मुकदमा कायम होने के बावजूद पुलिस समय रहते शव की पहचान नहीं करा सकी। अज्ञात मानकर अंतिम संस्कार कर दिए जाने की जानकारी मिलने पर परिजनों और व्यापारियों में आक्रोश फैल गया।

परिजनों के अनुसार, चकरपुर मंडी में आढ़त का काम करने वाले देवेश शुक्ला दो जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। काफी तलाश के बाद भी उनका पता नहीं चला तो 5 जुलाई को सचेंडी थाने में व्यापारी संजू पाल, उसके मुंशी टिंकू यादव और एक अज्ञात ऑटो चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने संजू पाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि देवेश की तलाश जारी रहने की बात कहती रही।

आज परिजन किसी काम से कोतवाली पहुंचे, जहां अज्ञात शवों से संबंधित पोस्टर देखने के दौरान उन्हें संदेह हुआ। फोटो और विवरण का मिलान करने पर शव की पहचान देवेश शुक्ला के रूप में हुई। इसके बाद परिजन और व्यापारी सचेण्डी थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा।

पुलिस के मुताबिक तीन जुलाई को एक एंबुलेंस गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को कल्याणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची थी। वहां से उसे उर्सला अस्पताल रेफर किया गया, जहां सात जुलाई को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पहचान न होने पर पंचनामा भरकर 10 जुलाई को शव का अज्ञात के रूप में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट का उल्लेख है। परिजनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि यदि पुलिस गुमशुदगी, अस्पताल और अज्ञात शवों के रिकॉर्ड का समय रहते मिलान करती तो परिवार अपने सदस्य की पहचान कर अंतिम दर्शन कर सकता था।

व्यापारियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समन्वय की कमी के कारण एक परिवार अपने सदस्य के अंतिम संस्कार तक में शामिल नहीं हो सका।

डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिद ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप