पुष्पक एक्सप्रेस में युवक मृत मिला, बीना स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन; जीआरपी जांच में जुटी
बीना, 31 जुलाई (हि.स.)। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) से लखनऊ जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में गुरुवार देर रात एक यात्री मृत अवस्था में मिलने से हड़कंप मच गया। घटना सामने आने के बाद ट्रेन को निर्धारित ठहराव न होने के बावजूद बीना रेलवे स्टेशन पर आपात स्थिति में रोका गया, जहां जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेन क्रमांक 15334 के जनरल कोच में यात्रा कर रहे करीब 30 वर्षीय युवक का शव कोच के शौचालय के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। ट्रेन जब कुरवाई कैथोरा स्टेशन के पास से गुजर रही थी, तभी गार्ड की नजर कोच के बाहर लटके युवक पर पड़ी। इसके बाद तत्काल रेलवे कंट्रोल को सूचना दी गई और बीना स्टेशन पर ट्रेन का इमरजेंसी हॉल्ट कराया गया।
रात करीब 12 बजे पुष्पक एक्सप्रेस को बीना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-4 पर रोका गया। डिप्टी स्टेशन अधीक्षक डी.के. जैन की सूचना पर जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मर्चुरी भेज दिया।
जीआरपी की प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान गोरावर सिंह (30), पिता कुंजीलाल, निवासी कोरबा (छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है। उसके पास से एक पुराना रेल टिकट, आयुष्मान कार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक ने शौचालय को अंदर से बंद कर लिया था। इसके बाद उसने गमछे की सहायता से फंदा बनाया। हालांकि घटना की परिस्थितियों और मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच और अन्य वैधानिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
जीआरपी का कहना है कि फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अभी तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है कि युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
घटना के चलते पुष्पक एक्सप्रेस बीना स्टेशन पर करीब आधे घंटे तक रुकी रही। ट्रेन पहले से ही निर्धारित समय से लगभग एक घंटे विलंबित चल रही थी और कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद करीब दो घंटे की देरी से लखनऊ के लिए रवाना हुई।
पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना देने के लिए कोरबा कंट्रोल रूम से संपर्क किया है। परिजनों के बीना पहुंचने के बाद आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

