पूर्व पार्टनर ने ही 10 लाख की सुपारी देकर कराई थी डॉक्टर की हत्या, पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार
बिजनौर, 07 मार्च (हि.स.)। जनपद बिजनौर के थाना नगीना में दो दिन पहले डॉक्टर राजकुमार की उनके क्लिनिक में ही हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उक्त जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने बताया कि इनमें हत्या की सुपारी देने वाला डॉक्टर का पूर्व पार्टनर, गोली चलाने वाला आरोपित और तमंचा उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति शामिल है। पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मृतक डॉक्टर का पूर्व पार्टनर भी पेश से डॉक्टर है।
उसी ने 10 लाख की सुपारी देकर डॉक्टर की हत्या कराई। दोनों ने मिलकर पहले सुमित्रा नाम से अस्पताल खोला था, लेकिन लोन के रुपए को लेकर विवाद के बाद दोनों अलग हो गए थे। इसके बाद डॉ राजकुमार ने अपना खुद का शिवालय नाम से अस्पताल खोल लिया था। बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया। 6 महीने पहले मर्डर की प्लानिंग बनाकर डाक्टर द्वारा एडवांस दो लाख रुपए दिए गए थे। पुलिस ने तीनों आरोपितों को जेल भेज दिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। परिजनों से पूछताछ, सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से आरोपितों की पहचान की गई।
शनिवार को पुलिस ने मुख्य आरोपित धामपुर के तिबड़ी निवासी डॉ. नीरज, आरोपित विकास उर्फ छोटू और मधी निवासी आर्यन उर्फ राजन को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि डॉक्टर राजकुमार की पूर्व पार्टनर डॉ. नीरज ने ही सुपारी देकर हत्या कराई थी। आरोपित विकास उर्फ छोटू ने बताया साल 2018 में गाजियाबाद स्थित यथार्थ हॉस्पिटल में डॉ. नीरज (फिजिशियन) और डॉ. राजकुमार (पीडियाट्रिशियन) एक साथ काम करते थे। आपस में मित्र भी थे। वर्ष 2022 में दोनों ने मिलकर नगीना-धामपुर रोड पर सुमित्रा हॉस्पिटल खोला। हालांकि, आपसी मनमुटाव के चलते वर्ष 2023 में डॉ. राजकुमार बिना पूरा हिसाब-किताब किए अलग हो गए थे। इसी आर्थिक विवाद के कारण डॉ. नीरज ने डॉ. राजकुमार की हत्या की साजिश रची।
पूछताछ में विकास ने बताया कि वह डॉ. नीरज के गांव का रहने वाला है। सुमित्रा हॉस्पिटल खुलने के बाद से उनकी गाड़ी चलाता था। डॉ. राजकुमार की हत्या के लिए उसे 10 लाख रुपये देने तय किए गए थे, जिसमें से करीब 2.20 लाख रुपये उसे एडवासं मिल चुके थे। विकास उर्फ छोटू ने घटना को अंजाम देने के लिए तमंचा राजन से लिया था।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेन्द्र

