राजगढ़ः पत्नी की हत्या करने वाले पति को आजीवन कारावास
राजगढ़, 23 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिला न्यायालय में पदस्थ प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश लखनलाल गोस्वामी ने फैसला सुनाते हुए मोबाइल चलाने की बात पर पत्नी द्वारा टोके जाने से नाराज पति द्वारा उसकी हत्या कर देने वाले पति को आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक एवं उपनिदेशक अभियोजन आलोक श्रीवास्तव ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि वंदना की शादी करीब तीन साल पहले खुजनेर निवासी प्रखर उपाध्याय से हुई थी। दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था। 4 मार्च 2024 को वंदना के मामा गौतम दुबे को उसकी मौत की सूचना मिली। परिजन खुजनेर पहुंचे तो वंदना घर के अंदर पलंग पर मृत मिली। उसके सिर से खून निकल रहा था। परिजनों ने दहेज को लेकर विवाद का आरोप लगाते हुए पति सहित ससुराल पक्ष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। रॉड से तीन वार, फिर एयर पिस्टल से फायर विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रखर को गिरफ्तार कर उसका मेमोरेण्डम दर्ज किया। इसमें सामने आया कि 3 मार्च की रात करीब 12 बजे पति-पत्नी कमरे में थे। मोबाइल चलाने को लेकर पत्नी ने टोका तो प्रखर गुस्से में आ गया। उसने लोहे की रॉड से वंदना के सिर पर तीन वार किए। इसके बाद एयर पिस्टल से भी फायर किया। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर लोहे की रॉड, एयर पिस्टल, कपड़े और चादर बरामद की। रॉड पर मिला आरोपी का फिंगरप्रिंट मामले में विशेषज्ञ साक्ष्य भी अहम रहा। पुलिस द्वारा जब्त लोहे की रॉड पर मिले चांस प्रिंट की जांच में वह आरोपित प्रखर के दाहिने हाथ के अंगूठे का पाया गया। न्यायालय ने परिस्थितिजन्य और विशेषज्ञ साक्ष्यों के आधार पर प्रखर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

