राजगढ़ः वृद्व की हत्या के मामले में आरोपित को उम्रकैद
राजगढ़, 18 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जिला न्यायालय राजगढ़ में पदस्थ प्रधान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश राजीव म. आप्टे की कोेर्ट ने षुक्रवार को हत्या के आरोपित बबलू पुत्र रामचरण वर्मा को आजीवन सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक एवं उपनिदेशक अभियोजन आलोक श्रीवास्तव ने की।
जानकारी के अनुसार 16 सितंबर 2025 की शाम ग्राम कचनारिया निवासी सुशीला बाई घर पर थी। उसके ससुर बद्रीलाल वर्मा आंगन में कुर्सी पर बैठे थे। इसी दौरान गांव का बबलू वर्मा कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचा। उसने बद्रीलाल पर जान से मारने की नीयत से गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इसके बाद गाल और नाक पर भी वार किए। घटना सुशीला बाई, उसकी सास कंचन बाई और भानेज सनी ने देखी थी। घायल बद्रीलाल को उपचार के लिए पचोर अस्पताल भेजा गया, जहां से मामले की जांच शुरू हुई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने एफआईआर, मर्ग, पीएम रिपोर्ट, घटनास्थल का नक्शा, जप्ती पत्रक, गवाहों के बयान सहित अन्य साक्ष्य जुटाए। जांच के बाद आरोपित के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत अभियोग पत्र पेश किया गया। मानसिक अस्वस्थता का तर्क भी खारिज सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपित के घटना के समय मानसिक रूप से अस्वस्थ होने का तर्क दिया। जिला जेल राजगढ़ में उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। 12 नवंबर 2025 की रिपोर्ट में तत्काल किसी मनोरोग संबंधी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं होना पाया गया। कोर्ट ने अभियोजन के साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होकर आरोपित बबलू वर्मा को दोषी मानते हुए उम्रकैद व दस हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

