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बहुचर्चित पुजारी हत्याकांड का खुलासा: पोते की मौत के प्रतिशोध में की गई थी नृशंस हत्या, 65 वर्षीय बुजुर्ग गिरफ्तार

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बहुचर्चित पुजारी हत्याकांड का खुलासा: पोते की मौत के प्रतिशोध में की गई थी नृशंस हत्या, 65 वर्षीय बुजुर्ग गिरफ्तार


कटिहार, 05 नवंबर (हि.स.)। कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत खरसोता गांव में पुजारी हीरालाल मंडल की नृशंस हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्याकांड में शामिल मुख्य अभियुक्त 65 वर्षीय अनंतलाल मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अंधविश्वास और प्रतिशोध के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने अभियुक्त के पूजा स्थल से हत्या में प्रयुक्त चाकू और मृतक का टूटा हुआ रुद्राक्ष माला भी बरामद कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक, कटिहार के निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) बारसोई के नेतृत्व में गठित विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) ने वैज्ञानिक व तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूचनाओं के आधार पर गांव के ही तीन लोगों की संलिप्तता उजागर की। इसके बाद संदेही अनंतलाल मंडल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पूछताछ में गिरफ्तार अनंतलाल मंडल ने पुलिस को बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व उसके छह माह के पौत्र की असमय मृत्यु हो गई थी। उसे पक्का संदेह था कि पुजारी हीरालाल मंडल ने जादू-टोना कर उसके मासूम पौत्र की जान ली है। इसी आक्रोश में उसने अपने दो पुत्रों रिंकू मंडल एवं शंभू मंडल के साथ मिलकर पुजारी की हत्या की साजिश रची। बीते 2 नवंबर को तीनों ने मिलकर गला घोंटकर और चाकू मारकर हीरालाल की हत्या कर दी। इसके बाद कथित तौर पर अनुष्ठान के उद्देश्य से मृतक की जीभ काट ली और शव को झिंझल के पेड़ से लटका दिया था।

उल्लेखनीय है कि घटना के बाद मृतक की पत्नी तिलिया देवी के लिखित आवेदन पर आजमनगर थाने में बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत अज्ञात के विरुद्ध कांड दर्ज किया गया था तथा एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच की थी। पुलिस के अनुसार, घटना में संलिप्त अन्य दो फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार सघन छापेमारी की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह