महिला डॉक्टर के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर, लापरवाही से गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत का आरोप
मेडिकल टीम की जांच में लापरवाही की पुष्टि, मां की जान भी खतरे में पड़ी; पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
प्रयागराज, 09 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले औद्योगिक क्षेत्र में एक निजी अस्पताल की महिला चिकित्सक के खिलाफ उपचार में कथित लापरवाही बरतने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। गुरूवार को पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने बताया कि पीड़ित के तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।
आरोप है कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई, जबकि गर्भवती महिला की जान भी खतरे में पड़ गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से गठित मेडिकल टीम की जांच रिपोर्ट में लापरवाही पाए जाने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शिकायतकर्ता गणेश शंकर शुक्ल के अनुसार उनकी गर्भवती पत्नी का इलाज क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। 28 अक्टूबर 2025 की रात प्रसव पीड़ा होने पर अगले दिन उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने डिलीवरी में अभी करीब 20 दिन का समय बताते हुए कुछ दवाएं और इंजेक्शन देकर घर भेज दिया। आरोप है कि बाद में दर्द बढ़ने पर भी डॉक्टर ने इसे सामान्य बताते हुए गंभीरता नहीं दिखाई।
पीड़ित का आरोप है कि 05 नवंबर को तबीयत अधिक बिगड़ने पर दोबारा अस्पताल पहुंचने पर जांच में बताया गया कि गर्भ में बच्चे की कोई हलचल नहीं है और गर्भनाल गले में फंसने से उसकी मौत हो चुकी है। इस दौरान इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने पर डॉक्टर ने अभद्र व्यवहार किया और शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
इसके बाद परिजन गर्भवती को करछना स्थित दूसरे अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत पहले ही हो चुकी थी और संक्रमण फैलने से महिला की जान को भी खतरा हो गया था। 07 नवंबर को ऑपरेशन कर मृत भ्रूण को बाहर निकालकर महिला की जान बचाई गई।
मामले की शिकायत जिलाधिकारी से किए जाने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच के लिए मेडिकल टीम गठित की। जांच रिपोर्ट में महिला चिकित्सक की लापरवाही की पुष्टि होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र थाने में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। थाना प्रभारी कमलेश पटेल ने बताया कि मेडिकल टीम की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

