प्रतापगढ़ : किसान सम्मान निधि में घोटाला,साइबर थाने में मुकदमा दर्ज
प्रतापगढ़, 27 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि कुंडा तहसील की लॉगिन का दुरुपयोग कर लाखों संदिग्ध और फर्जी किसानों का रजिस्ट्रेशन कराया गया। मामले में उप कृषि निदेशक अश्वनी कुमार सिंह ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने गुरुवार को केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि लगभग 04 लाख 45 हजार किसानों का रजिस्ट्रेशन डायरेक्ट एंट्री के जरिए कराया गया। जांच में ये रजिस्ट्रेशन संदिग्ध और फर्जी पाए गए। इनमें से अब तक लगभग तीन लाख 80 हजार किसानों की आईडी डिलीट की जा चुकी हैं। वहीं, 60 हजार से ज्यादा अन्य संदिग्ध आईडी को भी चिन्हित किया गया है, जिन्हें डिलीट करने की प्रक्रिया चल रही है।
इस फर्जीवाड़े के कारण किसान सम्मान निधि में 60 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी सामने आई है। डायरेक्ट एंट्री के जरिए बड़ी संख्या में फर्जी लाभार्थियों को योजना का लाभ पहुंचाए जाने की बात कही जा रही है। मामले की जांच आगे बढ़ने पर रकम और लाभार्थियों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
उपकृषि निदेशक ने बताया कि जांच में सामने आया है कि संदिग्ध रजिस्ट्रेशन में सिर्फ प्रतापगढ़ के लोग ही नहीं, बल्कि दूसरे जिलों और प्रदेश के बाहर के लोगों के नाम भी शामिल हैं। इनमें अमेठी, रायबरेली और सुल्तानपुर जैसे जिलों के लोगों के नाम से भी बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन पाए गए हैं। कुछ मामलों में नाबालिगों के नाम भी सामने आने की बात कही गई है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए आमतौर पर किसान खुद मोबाइल या जनसेवा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण करता है। इसके बाद आवेदन तहसील, जिला, प्रदेश और फिर केंद्र सरकार तक सत्यापन के लिए भेजा जाता है। किसानों को पंजीकरण में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने तहसील स्तर पर डायरेक्ट एंट्री की सुविधा दी थी। इसी सुविधा का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया।
उप कृषि निदेशक ने साइबर पुलिस को 300 से अधिक किसानों की सूची और संबंधित दस्तावेज सौंपे हैं। पुलिस इन रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि उप कृषि निदेशक अश्वनी कुमार सिंह की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने पर दी गई थी। तहरीर के आधार पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में तहसील कुण्डा की आईडी/लॉगिन का दुरुपयोग कर अपात्र व्यक्तियों, नाबालिगों तथा जनपद और प्रदेश से बाहर के व्यक्तियों के संदिग्ध एवं फर्जी पंजीकरण कराये जाने के संबंध में सुसंगत अभियोग पंजीकृत किया गया है। उक्त मामले से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपेन्द्र तिवारी

