home page

चालीस घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम, न्यायिक मजिस्ट्रेट करेंगे जांच

 | 
चालीस घंटे बाद हुआ पोस्टमार्टम, न्यायिक मजिस्ट्रेट करेंगे जांच


बासनी थाने में आत्महत्या का मामला, मृतक के परिजनों ने मर्ग दर्ज कराया

जोधपुर, 18 जून (हि.स.)। बासनी थाने में पूछताछ के दौरान आत्महत्या के प्रयास के बाद एम्स में दम तोडऩे वाले अमृत वैष्णव के परिजनों ने मर्ग दर्ज करवा दिया है, फिलहाल किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है। इस मर्ग की जांच न्यायिक अधिकारी करेंगे। मौत के करीब 40 घंटे बाद गुरुवार को पोस्टमार्टम पूरा किया गया।

इससे पहले बुधवार देर रात लंबे गतिरोध के बाद परिजनों और प्रशासन के बीच सहमति बन गई थी, जिसके बाद धरना समाप्त हो गया। वार्ता में न्यायिक अधिकारी की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराने, गुमशुदगी मामले के जांच अधिकारी हैड कांस्टेबल को लाइन हाजिर करने और सरकार से उचित मुआवजे की कार्रवाई पर सहमति बनी। थानाधिकारी नितिन दवे ने बताया कि परिजनों द्वारा दिए गए मर्ग को दर्ज कर लिया गया है। इसकी जांच विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट हितेश जोशी करेंगे। न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस जाब्ते के साथ गुरुवार दोपहर एम्स से परिजन अमृत का शव लेकर लूणी थाना क्षेत्र के सर गांव के लिए रवाना हो गए।

थानाधिकारी ने बताया कि बासनी थाने में चार जून को एक युवती के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। युवती की कॉल डिटेल्स में अमृत वैष्णव से लगातार बातचीत सामने आई थी। घर से निकलने से पहले अंतिम फोन भी उसी को किया था। इस आधार पर पुलिस अमृत को बुलाकर पूछताछ कर रही थी। मंगलवार को उसे दूसरी बार थाने बुलाया गया। इस दौरान युवती के परिजन भी वहां मौजूद थे। पूछताछ के बाद अमृत ने थाने में आत्महत्या का प्रयास किया, जिसके बाद उसे एम्स में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां न्यायिक अधिकारी के समक्ष भी उसने युवती के परिजनों द्वारा प्रताडि़त किए जाने का अंतिम बयान दिया। इलाज के दौरान मंगलवार रात नौ बजे उसने एम्स में दम तोड़ दिया था।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश