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जींद : डिजीटल अरेस्ट के नाम पर 98.25 लाख की ठगी करने का आरोपित गिरफ्तार

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जींद : डिजीटल अरेस्ट के नाम पर 98.25 लाख की ठगी करने का आरोपित गिरफ्तार


जींद, 28 मार्च (हि.स.)। थाना साइबर क्राइम की टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक बुजुर्ग व्यक्ति से लगभग 98 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपित को गिरफ्तार किया है। आराेपी की पहचान जयपुर निवासी सुशील मीणा के रूप में हुई है।

साइबर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक जगदीप ने शनिवार को बताया कि इस संबंध में सफीदों की आदर्श बस्ती निवासी हवा सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वहमार्केटिंग सोसायटी से सेवानिवृत कर्मचारी है। गत 12 मार्च को साइबर ठगी करने वाले लोगों ने खुद को ट्राई व सीबीआई अधिकारी बता कर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया और उन्हें कहा कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है और उनके खाते में मनी लॉन्ड्रिंग का पैसा आया हुआ है। बाकायदा उन्हें अरेस्ट वारंट भी भेजा गया और उनके पास जितने भी पैसे हैं वह एक बार उन्हें ट्रांसफर करने के लिए कहा। इस मामले का निपटारा होने के बाद यह पैसा उन्हें वापस कर दिया जाएगा। साइबर ठगी करने वाले लोगों ने हवा सिंह को स्पष्ट तौर पर बताया कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है और वह उनकी निगरानी में रहेंगे। बुजुर्ग हवा सिंह साइबर ठगों के झांसे में आ गए और उन्होंने 98 लाख 25 हजार रुपये उनके कहे अनुसार उनके द्वारा बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। हवा सिंह ने बताया कि उन्हें 12 मार्च से लेकर 19 मार्च तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा। बाद में जब हवा सिंह को इस बात का अहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हो गई है तो उसने साइबर सेल की मदद ली।

साइबर पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों की केवाईसी, स्टेटमेंट व मोबाइल नंबरों की सीडीआर व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जयपुर निवासी सुशील मीणा को गिरफ्तार करके 70 हजार रुपये बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 46 लाख तीन हजार रूपये होल्ड करवा दिए थे। एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्टश् नहीं करती है। डराने, धमकाने वाले कॉल से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध कॉल, फ्रॉड की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर दें।

हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा