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साइबर ठगों पर पुलिस का शिकंजा: 38 मोबाइल,30 एटीएम कार्ड और 25 चेकबुक बरामद

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साइबर ठगों पर पुलिस का शिकंजा: 38 मोबाइल,30 एटीएम कार्ड और 25 चेकबुक बरामद


साइबर ठगों पर पुलिस का शिकंजा: 38 मोबाइल,30 एटीएम कार्ड और 25 चेकबुक बरामद


जयपुर, 17 अक्टूबर (हि.स.)। सोशल मीडिया पर सस्ते वाहन बेचने का झांसा, डिजिटल अरेस्ट का डर, फर्जी अधिकारी बनकर ठगी और कमीशन के लालच में बैंक खाते खुलवाकर साइबर अपराधों को अंजाम देने वाले गिरोहों के खिलाफ जयपुर दक्षिण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ‘साइबर शील्ड’ और ‘म्यूल हंटर’ अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई कर 21 आरोपिताें को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपिताें से जुड़े बैंक खातों की जांच में देश के अलग-अलग राज्यों से मिली 101 साइबर शिकायतों में 18.60 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का खुलासा किया है। पुलिस ने ठगी की राशि में से 45 लाख 83 हजार 504 रुपये बैंक खातों में होल्ड करवाए हैं।

पुलिस उपायुक्त दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम और ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल खातों यानी दूसरों के नाम पर खोले गए बैंक खातों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत जिले के विभिन्न थानों की टीमों ने कार्रवाई करते हुए 15 नए प्रकरण दर्ज किए और 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपिताें के कब्जे से मिली चेक बुक और पासबुक में दर्ज बैंक खाता नंबरों की जांच राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग व्यवस्था से जुड़े पोर्टल पर की। जांच में इन खातों के संबंध में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 101 साइबर शिकायतें दर्ज होना सामने आया। इन शिकायतों में कुल 18 करोड़ 60 लाख रुपये की ठगी का पता चला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 45 लाख 83 हजार 504 रुपए खातों में होल्ड करवाए हैं।

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2 लाख 4 हजार 500 रुपये नकद, थाईलैंड की 12 विदेशी मुद्रा इकाइयां, ठगी में इस्तेमाल किए गए 38 मोबाइल फोन, एक लग्जरी स्कॉर्पियो कार, 25 बैंक चेक बुक, 20 बैंक पासबुक, 30 एटीएम/डेबिट कार्ड और अन्य व्यक्तियों के नाम के 15 फर्जी पैन व आधार कार्ड बरामद किए हैं।

जांच में सामने आया कि आरोपित लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद इन खातों को 8 से 10 हजार रुपये प्रति खाते की दर से खरीदने-बेचने का काम किया जाता था। ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को प्राप्त करने और आगे हस्तांतरित करने में किया जाता था।

गिरोह के सदस्य कई तरीकों से लोगों को निशाना बनाते थे। आरोपित ऑनलाइन बिक्री मंचों पर सस्ती गाड़ियां बेचने का झांसा देते और रैपिडो वाहनों के फर्जी स्क्रीनशॉट भेजकर लोगों को विश्वास में लेते थे। व्हाट्सएप समूहों के जरिए डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर भी ठगी की जाती थी। कुछ आरोपित स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताकर हवाला के रुपयों का लालच देते और लोगों से करोड़ों रुपये हस्तांतरित करवाने का प्रयास करते थे।

इसके अलावा फेसबुक पर त्रिआयामी (3डी) मूर्तियां उपलब्ध कराने के नाम से फर्जी पेज बनाकर अग्रिम भुगतान ऐंठने और फर्जी केवाईसी व पैन कार्ड के आधार पर संदिग्ध बैंक खाते खुलवाने के मामले भी सामने आए हैं। इन खातों का इस्तेमाल कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में साइबर धोखाधड़ी के लिए किया गया।

पुलिस के अनुसार मानसरोवर थाना पुलिस ने सचिन सिंह निवासी फतेहपुर सीकरी,आगरा और सोनू मोटवानी निवासी मानसरोवर जयपुर को गिरफ्तार किया। चाकसू थाना पुलिस ने पिंटू मीणा और देशराज मीणा निवासी कोटखावदा तथा रामचरण गुर्जर निवासी चाकसू को पकड़ा। ज्योति नगर थाना पुलिस ने असम के साउथ सालमारा निवासी राहुल हुसैन को गिरफ्तार किया।

महेश नगर थाना पुलिस ने लक्ष्मण दास स्वामी और हरिदास स्वामी, निवासी बीदासर, चूरू और हाल मानसरोवर, तथा आदिल बागडवा निवासी बीकानेर, हाल महेश नगर को गिरफ्तार किया। अशोक नगर थाना पुलिस ने सचिन सैनी निवासी निवाई, टोंक, हाल सांगानेर को पकड़ा।

मुहाना थाना पुलिस ने नंदकिशोर स्वामी, विशाल मीणा और योगेंद्र सिंह पाल को गिरफ्तार किया। सांगानेर सदर थाना पुलिस ने राकेश कुमार सैनी निवासी डिग्गी, टोंक, हाल शिकारपुरा को पकड़ा। शिप्रापथ थाना पुलिस ने राहुल शर्मा निवासी सवाई माधोपुर, हाल दुर्गापुरा को गिरफ्तार किया।

शिवदासपुरा थाना पुलिस ने राजेश कुमार वर्मा, मोहित कुमार वर्मा, मोहित रैगर और गणेश मीणा को गिरफ्तार किया। सोडाला थाना पुलिस ने हरियाणा के नूंह निवासी हमशेद और विधायकपुरी थाना पुलिस ने ब्रह्मपुरी निवासी अमित शर्मा को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान जयपुर दक्षिण जिले में प्राप्त 31,976 साइबर शिकायतों में से 25,808 का निस्तारण किया गया। जिले के विभिन्न थानों की टीमों ने वर्ष 2026 में 542 गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.05 करोड़ रुपए है। बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए।

अभियान के दौरान साइबर अपराधियों से जुड़े बैंक खातों में कुल 8 करोड़ 84 लाख 86 हजार 566 रुपए होल्ड करवाए गए। वहीं, ‘ऑपरेशन वज्र प्रहार 2.0’ के तहत 1 करोड़ 77 लाख 11 हजार 362 रुपए बरामद कर पीड़ितों के खातों में वापस करवाए गए। एमआरएम पोर्टल के माध्यम से 1,045 शिकायतों में कुल 93 लाख 84 हजार रुपए पीड़ितों को लौटाए जा चुके हैं।

पुलिस ने साइबर अपराधों से बचाव के लिए 20 स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाकर 7 हजार से अधिक लोगों को जागरूक किया। समन्वय पोर्टल के आधार पर देश के अन्य राज्यों में वांछित 944 साइबर अपराधियों की तलाश कर संबंधित नोटिस तामील करवाए गए।

यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण ललित शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त साइबर जुल्फिकार अली के निर्देशन में की गई। साइबर सेल और जिला विशेष टीम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। विशेष रूप से एएसआई प्रेमचंद, हेड कांस्टेबल लोकेश कुमार और साइबर सेल के कांस्टेबल विमलेश का योगदान रहा।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कमीशन या अन्य लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड अथवा पहचान संबंधी दस्तावेज किसी दूसरे व्यक्ति को न दें। बैंक खाते की खरीद-फरोख्त या उसके संदिग्ध इस्तेमाल की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। समय-समय पर बैंक खातों की जांच करें, ताकि उनके दुरुपयोग का पता चल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश