सागर: भानगढ़ पुलिस ने किया अंधी हत्या का पर्दाफाश, पति ही निकला पत्नी का कातिल
सागर, 27 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में बीना क्षेत्र की थाना भानगढ़ पुलिस ने ग्राम रामसागर में हुई अंधी हत्या का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार उसे जेल भेज दिया गया है। साक्ष्य आधारित विवेचना के दम पर पुलिस ने अज्ञात कारण से हुई मौत की गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर 2026 को ग्राम रामसागर के निवासी मुल्ले आदिवासी ने भानगढ़ थाने पहुंचकर सूचना दी थी कि उसकी पत्नी अवधबाई आदिवासी (उम्र 55 वर्ष) घर पर मृत अवस्था में पाई गई हैं। मृतिका के पति ने उस समय पुलिस को बताया था कि मृत्यु का कारण पूरी तरह से अज्ञात है। सूचना मिलते ही थाना भानगढ़ पुलिस ने मर्ग क्रमांक 42/2026 धारा 194 BNSS के तहत मामला कायम कर जांच शुरू की। चूंकि घटनास्थल चौकी कंजिया के अंतर्गत ग्राम रामसागर में आता है, इसलिए पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद शव का पंचनामा बनाकर अन्य सभी आवश्यक वैधानिक कार्रवाइयां पूरी की गईं।
मर्ग जांच के दौरान जब मृतिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को प्राप्त हुई, तो मामले में चौंकाने वाला मोड़ आया। रिपोर्ट में डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि अवधबाई की मृत्यु गले की सांस नली दबने यानी गला घोंटने के कारण हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पूरी तरह साफ हो गया कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या का मामला है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भानगढ़ थाना पुलिस ने घटनास्थल का पुन: सूक्ष्म निरीक्षण किया और आसपास के साक्षियों के बयान दर्ज किए। उपलब्ध साक्ष्यों के बारीकी से परीक्षण के बाद पुलिस का संदेह मृतिका के पति मुल्ले आदिवासी पर गहराया। जब पुलिस ने संदेही मुल्ले आदिवासी को हिरासत में लेकर कड़ाई और सघनता से पूछताछ की, तो साक्ष्यों के आगे वह टूट गया। विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत पाए जाने पर पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी मुल्ले आदिवासी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया। भानगढ़ पुलिस की इस त्वरित, पेशेवर और साक्ष्य-आधारित जांच के कारण एक अज्ञात मर्ग जांच को हत्या के अपराध में बदलकर कातिल तक पहुंचने में बड़ी सफलता मिली।
अंधी हत्या का पर्दाफाश करने और आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने में भानगढ़ थाना प्रभारी उप निरीक्षक धनेन्द्र यादव के नेतृत्व में पूरी टीम का सराहनीय योगदान रहा। इस कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक श्यामलाल, सहायक उप निरीक्षक नाथूराम, प्रधान आरक्षक प्रिंस जोशी, इरफान, तथा आरक्षक प्रवीण, योगेश, दीपक यादव, रोहित तिवारी और जगदीश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

