सागरः नकली इंजन ऑयल के बड़े कारोबार का भंडाफोड़
सागर, 03 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर में ब्रांडेड कंपनियों के नाम का दुरुपयोग करने वाले जालसाजों के खिलाफ सिविल लाइन थाना पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नामी कंपनी वैल्वोलिन के नाम पर बेचे जा रहे नकली इंजन ऑयल का बड़े जखीरा जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक, वैल्वोलिन कंपनी के अधिकृत असिस्टेंट मैनेजर अजय कुमार पुंडीर ने मंगलवार को सिविल लाइन थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित 'ड्रिलटेक इंटरप्राइजेज' नामक दुकान पर उनकी कंपनी के हूबहू दिखने वाले नकली इंजन ऑयल का न केवल भंडारण किया जा रहा है, बल्कि उसे धड़ल्ले से बाजार में बेचा भी जा रहा है। इस फर्जीवाड़े से कंपनी की साख खराब हो रही थी और भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह ठाकुर ने तुरंत उच्च अधिकारियों को इस संबंध में सूचित किया। इसके बाद पुलिस की एक विशेष टीम तैयार की गई और शिकायतकर्ता व कंपनी के विशेषज्ञों के साथ मिलकर 'ड्रिलटेक इंटरप्राइजेज' पर औचक छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान मौके पर दुकान संचालक निशांत तिवारी (उम्र 39 वर्ष), पिता नारायण तिवारी, निवासी सिविल लाइन (सागर) मौजूद मिले। उन्होंने पुलिस को बताया कि यह प्रतिष्ठान उन्हीं के नाम पर रजिस्टर्ड है।
दुकान में रखे वैल्वोलिन ब्रांड के इंजन ऑयल के डिब्बों और ड्रमों की जब कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों ने बारीकी से जांच की, तो नकली खेल का पर्दाफाश हो गया। पैकेजिंग की गलतियां: डिब्बों पर लिखे गए कई अंग्रेजी शब्दों की स्पेलिंग (वर्तनी) गलत पाई गई। ऑयल के कंटेनर्स पर प्रिंटेड कंपनी की वेबसाइट और कस्टमर केयर नंबर पूरी तरह गलत और फर्जी थे। हालांकि, डिब्बों की बाहरी बनावट को असली उत्पाद जैसा ही रूप दिया गया था, ताकि आम ग्राहक आसानी से धोखे का शिकार हो सकें।
पुलिस ने मौके से कार्रवाई करते हुए 6 भरे हुए ऑयल ड्रम और 3 खाली ड्रम जब्त किए हैं। जब्त किए गए इस माल की कुल अनुमानित कीमत 1,08,300 रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ दर्ज धाराएं जमानती प्रकृति की होने के कारण, उसे कानूनन नोटिस थमाकर फिलहाल रिहा कर दिया गया है।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस जालसाजी के मामले में अपराध क्रमांक 174/2026 दर्ज किया है। आरोपी निशांत तिवारी के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है, धारा 63 (कॉपीराइट अधिनियम), धारा 103 एवं 104 (ट्रेडमार्क अधिनियम)।
इस अवैध कारोबार को ध्वस्त करने और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने वाली टीम में इन पुलिसकर्मियों की मुख्य भूमिका निरीक्षक आनंद सिंह ठाकुर (थाना प्रभारी), उप निरीक्षक सुरेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक (829) फूलसिंह, महिला आरक्षक (1048) प्रीति मिश्रा, आरक्षक (551) आशीष तिवारी, आरक्षक (1570) नीरज की रही।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

