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सुपौल-मधेपुरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन गिरफ्तार, लाखों के आभूषण व पूजा सामग्री बरामद

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सुपौल-मधेपुरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन गिरफ्तार, लाखों के आभूषण व पूजा सामग्री बरामद


सुपौल, 03 मई (हि.स.)। सुपौल और मधेपुरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मंदिरों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से मंदिरों से चोरी किए गए घंटा-घंटी, माता के श्रृंगार, चांदी के आभूषण, मुकुट, घुंघरू, छतरी समेत अन्य कीमती सामान बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही चोरी की घटना में इस्तेमाल किया गया ऑटो भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, विगत दिनों सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना एवं राजेश्वरी थाना क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं से स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। इसी बीच सीमावर्ती मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर में भी चोरी की घटना घटित हुई। लगातार धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने से पुलिस महकमे में चिंता बढ़ गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, शरथ आर एस और पुलिस अधीक्षक, मधेपुरा के निर्देश पर एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व त्रिवेणीगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विभाष कुमार को सौंपा गया। टीम में त्रिवेणीगंज थाना, शंकरपुर थाना के थानाध्यक्षों के अलावा दोनों जिलों की डीआईयू टीम को शामिल किया गया।

गठित टीम ने मंदिर चोरी की घटनाओं के उद्भेदन के लिए तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण तथा मानवीय आसूचना का सहारा लिया। संदिग्ध गतिविधियों और प्राप्त सुरागों के आधार पर कई स्थानों पर लगातार छापेमारी की गई। अंततः पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी।

दिनांक 2 मई 2026 को पुलिस ने इस मामले में संलिप्त तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों में मधेली बाजार, थाना शंकरपुर, जिला मधेपुरा निवासी मो. साजिद, पिता मो. अब्बु तालिब; मधेली बाजार निवासी आशीष कुमार, पिता सुरेंद्र यादव; तथा गम्हरिया थाना क्षेत्र निवासी अंकित कुमार, पिता राजकिशोर गुप्ता शामिल हैं।

पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से मंदिरों से चोरी किए गए सामानों की बरामदगी की है। बरामद वस्तुओं में पांच घंटा-घंटी, जिनका कुल वजन लगभग 19 किलोग्राम है, शामिल हैं। इसके अलावा माता का चांदी जैसा श्रृंगार, जिसका वजन लगभग 380 ग्राम है, बरामद किया गया। साथ ही चांदी का पायल (करीब 15 ग्राम), चांदी जैसा मुकुट (लगभग 50 ग्राम), चांदी जैसे घुंघरू (करीब 35 ग्राम) तथा घुंघरू लगे चांदी के छत्र (लगभग 230 ग्राम) को भी जब्त किया गया है।इतना ही नहीं, पुलिस ने चोरी की घटनाओं को अंजाम देने में प्रयुक्त ऑटो को भी जब्त कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपित रात के अंधेरे में ऑटो के जरिए मंदिरों तक पहुंचते थे और सुनसान का लाभ उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर चोरी की घटनाएं समाज की आस्था पर सीधा प्रहार हैं। इस प्रकार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। संयुक्त अभियान, आधुनिक तकनीक और स्थानीय सूचना तंत्र के समन्वय से इस मामले का सफल उद्भेदन संभव हो सका।इस कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। मंदिर समितियों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की है।

लोगों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से वे चिंतित थे, लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई ने उन्हें राहत दी है।

छापेमारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी त्रिवेणीगंज बिभाश कुमार, शंकरपुर थाना के थानाध्यक्ष राजीव कुमार, त्रिवेणीगंज थाना के थानाध्यक्ष राकेश कुमार, त्रिवेणीगंज थाना के राजन कुमार, शंकरपुर थाना के महितोष परासर तथा सुपौल और मधेपुरा की डीआईयू टीम के सदस्य शामिल थे।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ की जा रही है। संभावना है कि इनके तार अन्य चोरी की घटनाओं से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इस गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान में जुटी हुई है। इस सफल कार्रवाई से न केवल मंदिर चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस और अधिक सतर्क हो गई है। क्षेत्र के मंदिरों में सुरक्षा बढ़ाने तथा सीसीटीवी कैमरे लगाने की दिशा में भी पहल की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र