एसडीपीओ ने किया वासुदेवा में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा*
बक्सर/डुमरांव, 23 अक्टूबर (हि.स.)। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने वासुदेवा थाना क्षेत्र के बिंद टोली गांव में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है । प्रेस वार्ता के माध्यम से इसकी जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भास्कर रंजन ने शुक्रवार काे बताया कि फर्नीचर बनाने की आड़ में अवैध हथियार तैयार करने का धंधा किया जा रहा था । गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस ने छापेमारी करते हुए दो अभियुक्तों को मौके से गिरफ्तार किया । वहीं उनकी निशानदेही पर दो देसी कट्टा, एक एकनाली बंदूक, एक अर्धनिर्मित देसी कट्टा, छह कारतूस समेत हथियार बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले कई उपकरण बरामद किए गए ।
घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि 22 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली थी कि वासुदेवा थाना क्षेत्र के वासुदेवा बिंद टोली निवासी बिगन बिंद अपने घर से अवैध हथियारों का कारोबार कर रहा है । सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई । इस टीम में अंचल निरीक्षक अरविंद कुमार, डीआईयू प्रभारी सुधीर कुमार, वासुदेवा थानाध्यक्ष अनिल कुमार पासवान, डीआईयू बक्सर की टीम तथा वासुदेवा थाना के सशस्त्र बल शामिल थे ।टीम ने सूचना का सत्यापन करते हुए संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की ।
इस दौरान बिगन बिंद और उक्त कार्यों में संलिप्त नावानगर थाना क्षेत्र के निवासी संतोष शर्मा को गिरफ्तार किया गया । छापेमारी के दौरान अर्द्धनिर्मित हथियारों व उपकरण के अलावा पुलिस ने 22 ग्राम गांजा भी बरामद किया है । वहीं हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सामानों में छोटे-बड़े छेनी के 26 टुकड़े, लोहे के बने 20 छोटे-बड़े उपकरण, दो अर्धनिर्मित बैरल, दो ट्रीमर, दो हैमर, देसी कट्टे का एक हिस्सा, सेंटर पंच, लोहे का मारकट, चार प्लास, आठ सरसी, लोहे काटने वाली एक कैंची, लोहे के तीन छोटे-बड़े पाइप, दो रेती, एक हथौड़ी, एक रेमर, लोहे की निहाई, गुनिया, जमुरा और एक बांच शामिल है । इसके अतिरिक्त एक पुरानी ग्रेडर मशीन, हवा देने वाली एक भट्ठी और छोटे-बड़े 13 स्प्रिंग भी जब्त किए गए ।
इस मामले में वासुदेवा थाना कांड संख्या 125/26, दिनांक 22 अक्टूबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है । पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि अवैध हथियारों का निर्माण कब से किया जा रहा था, तैयार हथियारों की आपूर्ति कहां की जाती थी ।
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हिन्दुस्थान समाचार / Jitendra Kumar Mishra

