सागर में ‘सागर गोल्ड’ नकली शराब बनाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 52 आरोपी बनाए, 37 गिरफ्तार
सागर, 19 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली और अमानक नकली शराब के कारोबार से जुड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने शनिवार को खुलासा किया है। गिरोह ग्राम ततरवारा में ‘सागर गोल्ड’ नाम से नकली शराब तैयार कर ग्रामीण क्षेत्रों में खपा रहा था। पुलिस ने मामले में अब तक 52 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें से 37 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरोह का नेटवर्क मध्य प्रदेश के साथ अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।
यह कार्रवाई छह सितंबर 2026 को बण्डा थाना क्षेत्र के कुछ गांवों में जहरीली शराब पीने से लोगों की संदिग्ध मौत और बीमार होने की सूचना के बाद शुरू हुई जांच का नतीजा है। पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेन्द्र सोलंकी के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल की गई।
ततरवारा में तैयार होती थी नकली शराब
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी चंदू राजा ने मुरैना निवासी दिनेश शिवहरे और उसके साथियों के साथ मिलकर ग्राम ततरवारा में नकली शराब तैयार करने की योजना बनाई थी। गिरोह ने तैयार शराब को ग्रामीण इलाकों में खपाने के लिए स्थानीय स्तर पर मौजूद लाइसेंसधारी शराब ठेकेदारों की आड़ का इस्तेमाल किया।
जांच में सिद्धार्थ कुशवाहा और मनीष उर्फ यशवंत ठाकुर के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक इनकी आड़ लेकर नकली शराब के कारोबार को बिना रोक-टोक संचालित करने और शराब को खपाने की व्यवस्था की गई थी।
गिरोह ने नकली शराब बनाने के लिए दिल्ली से एक लॉजिस्टिक कंपनी के माध्यम से औद्योगिक स्पिरिट यानी थिनर के पांच ड्रम सागर मंगवाए थे। इन्हें बाद में ग्राम ततरवारा पहुंचाया गया, जहां कथित तौर पर नकली शराब तैयार करने में इसका इस्तेमाल किया जा रहा था।
जहरीली शराब ने सरगना की भी जान ली
पुलिस जांच में एक चौंकाने वाली जानकारी यह भी सामने आई कि जहरीली शराब के सेवन से गिरोह के मुख्य सरगना दिनेश शिवहरे की भी तबीयत बिगड़ गई थी। उसके साथियों ने उसे सागर के बंसल अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि भंडाफोड़ होने की आशंका के चलते साथी उसे डॉक्टर की अनुमति के बिना अस्पताल से वापस मुरैना ले गए। पुलिस के अनुसार मुरैना ले जाते समय रास्ते में दिनेश शिवहरे की मौत हो गई। वहीं गिरोह से जुड़े एक अन्य आरोपी देवा उर्फ देवेन्द्र जाटव की आंखों की रोशनी चली गई।
ग्वालियर, मुरैना और दिल्ली तक पहुंची पुलिस
गिरोह की गतिविधियों और नेटवर्क का पता लगाने के लिए सागर पुलिस की विशेष टीमों ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर और मुरैना के अलावा नई दिल्ली में भी दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया और नकली शराब तैयार करने तथा उसकी पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की। अब तक की जांच में कुल 52 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से 37 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
ये प्रमुख आरोपी गिरफ्तार
पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तार प्रमुख आरोपियों में ललित उर्फ छोटू शिवहरे निवासी बानमोर, मुरैना, विक्रम जाटव निवासी पमाया, मुरैना, टिन्कू उर्फ सुरेन्द्र उचोडिया जाटव निवासी पमाया, मुरैना, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव निवासी पमाया, मुरैना, राजू सेंगर निवासी ग्वालियर, पंकज राय निवासी ग्वालियर, अनुपम गिरी निवासी कराला, नई दिल्ली और आरएन केमिकल फर्म के संचालक तथा रोहित पटैल निवासी गढ़ाकोटा, सागर शामिल हैं।
नकली शराब बनाने का सामान जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नकली शराब के निर्माण और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की है। इसमें 180 एमएल शराब की बोतल बनाने वाली पट्टीदार और प्लेन डाई मशीनें, ‘बॉम्बे’ नाम की विशेष डाई मशीन, 11,050 खाली प्लास्टिक की 180 एमएल बोतलें, प्लास्टिक की बोतल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के 250 कैप्सूल, 900 भरी हुई नकली शराब की बोतलें, बोतल सील करने वाली मशीन और अन्य पैकिंग सामग्री शामिल है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नकली शराब के कारोबार में उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। अंतर्राज्यीय स्तर पर फैले इस नेटवर्क की कड़ियां खंगालने के साथ ही पुलिस की कार्रवाई अभी जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

