छह घंटे की पुलिस कस्टडी, नंदवारा दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की चुनौती
बांदा, 27 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में नंदवारा दोहरे हत्याकांड की परतें खोलने के लिए पुलिस को अब महज छह घंटे का समय मिला है। जेल में बंद चार आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर होने के बाद एसआईटी के सामने इस सनसनीखेज मामले की गुत्थी सुलझाने और अहम सुराग जुटाने की चुनौती है। बुधवार, 29 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक पुलिस आरोपियों से पूछताछ करेगी। इस दौरान हत्याकांड से जुड़े अनसुलझे सवालों के जवाब तलाशने पर जोर रहेगा।
मामले में विवेचक ने चारों आरोपियों की आठ घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी। सोमवार को सीजेएम न्यायालय में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं और अभियोजन अधिकारी के बीच करीब 45 मिनट तक बहस हुई। विवेचक प्रताप सिंह से भी सवाल-जवाब किए गए। सुनवाई के बाद अपर प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्या गिरी ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को अदालत ने आठ घंटे के बजाय छह घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली।
पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए विवेचक ने जेल में बंद भवानीदीन, उसके बेटे अखिलेश, गांव के सुरेंद्र नेता और रामप्रसाद लंबरी के नाम से प्रार्थनापत्र दिया था। बचाव पक्ष ने दलील दी कि गिरफ्तारी के समय आरोपियों से पूछताछ की जा चुकी है और जेल में भी पूछताछ की जा सकती है। वहीं, विवेचक ने एसआईटी की पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी को जरूरी बताया।
गड्ढे में मिले थे दो मासूम भाइयों के शव
नरैनी क्षेत्र के नंदवारा गांव में 30 सितंबर को भैयाराम के छह वर्षीय बेटे मनोज और चार वर्षीय बेटे युवराज के शव घर से करीब 50 मीटर दूर पानी भरे गड्ढे में मिले थे। दो मासूम भाइयों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले में पूर्व मंत्री डॉ. सुरेंद्र पाल वर्मा के बेटे और पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू समेत नौ लोगों को नामजद किया गया है। यह जानकारी विवेचक प्रताप सिंह ने दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

