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जबलपुर को तीन वर्षों में नशा मुक्त बनाने की तैयारी, पुलिस ने बनाई व्यापक कार्ययोजना

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जबलपुर को तीन वर्षों में नशा मुक्त बनाने की तैयारी, पुलिस ने बनाई व्यापक कार्ययोजना


जबलपुर, 03 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दिए गए निर्देशों के बाद जबलपुर पुलिस ने नार्कोटिक्स ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिले को अगले तीन वर्षों में पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने पुलिस कंट्रोल रूम में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 पल्लवी शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अंजना तिवारी सहित शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि एनडीपीएस एक्ट 1985 एक सख्त कानून है और इसके तहत की जाने वाली हर कार्रवाई में वैधानिक प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में ड्रग हॉटस्पॉट और वितरण चैनलों की पहचान कर उन्हें समाप्त करने की दिशा में ठोस कार्रवाई की जाए।

रणनीति के तहत अब जिला और थाना स्तर पर मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल आदतन अपराधियों और तस्करों का अलग रजिस्टर तैयार किया जाएगा। पुलिस न केवल बिचौलियों पर शिकंजा कसेगी, बल्कि ड्रग कारोबार से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया भी अपनाएगी। साथ ही पीआईटी एनडीपीएस एक्ट 1988 के तहत भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने के लिए जप्त मादक पदार्थों के स्रोत और गंतव्य की कड़ियों को जोड़ने पर विशेष ध्यान देगी, ताकि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। इस अभियान का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू सामाजिक जागरूकता है। “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही नशे की लत से ग्रसित लोगों की काउंसलिंग कर उन्हें जिला प्रशासन के सहयोग से डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती कराया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक ने दो-सूत्रीय रणनीति अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई और समाज में जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि इस संयुक्त प्रयास से ही नशे के जाल को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। साथ ही पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक