home page

जबलपुर - पूर्व तहसीलदार एवं उनका कर्मचारी हुए गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल

 | 
जबलपुर - पूर्व तहसीलदार एवं उनका कर्मचारी हुए गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल


जबलपुर, 28 मई (हि.स.)। कई गंभीर मामलों में घिरे पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी कर्मचारी नीलेश कुर्मी को आखिरकार क्राइम ब्रांच और बरेला पुलिस की संयुक्त टीम ने बरेला थाना क्षेत्र से हिरासत में ले लिया। गुरुवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं मामले का तीसरा आरोपी और रिसॉर्ट मैनेजर मनीष पटैल अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

गौरतलब है कि रिसॉर्ट के वॉटर फॉल परिसर में करंट लगने से रांझी के बड़ा पत्थर सुभाष नगर निवासी 20 वर्षीय साजन विश्वकर्मा की मौत हो गई थी। पुलिस जांच में रिसॉर्ट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद बुधवार रात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 106(1) के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया।

जानकारी के अनुसार, राजस्व मामलों में गंभीर अनियमितताओं, जमीन नामांतरण में कथित गड़बड़ियों और अन्य कानूनी विवादों में नाम सामने आने के बाद से ही पुलिस और जांच एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हुई थीं। हाल ही में चर्चित सुकून होटल प्रकरण के बाद उनके खिलाफ चल रही जांच और तेज कर दी गई थी। जांच एजेंसियां उन पर पद के दुरुपयोग और नियमों की अनदेखी कर लिए गए फैसलों से जुड़े मामलों में लंबे समय से साक्ष्य जुटा रही थीं।

इसी दौरान क्राइम ब्रांच को विवेक त्रिपाठी के बरेला क्षेत्र में मौजूद होने की पुख्ता सूचना मिली। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं और मामले से जुड़े दस्तावेजों एवं अन्य तथ्यों की जांच जारी है।

जानकारी के मुताबिक साजन विश्वकर्मा अपने दोस्तों विनीत विश्वकर्मा, नीरज मेहरा और अभिषेक सेन के साथ छुट्टियां बिताने निसर्ग रिसॉर्ट पहुंचा था। बताया गया कि स्विमिंग पूल में नहाने के बाद वह दूसरे पूल की ओर जा रहा था, तभी स्लाइडर के पास लगे लोहे के पोल को छूते ही उसे तेज करंट का झटका लगा। पोल में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिससे साजन मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि विवेक त्रिपाठी लंबे समय से पुलिस और जांच एजेंसियों की रडार पर थे। उन पर राजस्व विभाग में पदस्थ रहते हुए वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं करने के गंभीर आरोप हैं। विशेष रूप से जमीन नामांतरण से जुड़े मामलों में सरकारी नियमों की अनदेखी कर मनमाने निर्णय लेने और अपने अधिकारों के दुरुपयोग के आरोपों की जांच की जा रही है। ग्रामीण डीएसपी आकांक्षा उपाध्याय ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक