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जबलपुर में युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाया पिटाई का आरोप

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जबलपुर में युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाया पिटाई का आरोप


जबलपुर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में दशहरा घूमने आए शहपुरा निवासी आकाश चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर थाने में मारपीट करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि पिटाई के कारण उसकी जान गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि युवक नशे की हालत में था और थाने में बैठाने के कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के न्यायिक जांच कराने के अनुरोध को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, आकाश सोमवार मंगलवार की दरमियानी रात अपने छोटे भाई विवेक चौधरी और दोस्तों के साथ दशहरा घूमने जबलपुर आया था। गढ़ा फाटक स्थित महाकाली माता के दर्शन के दौरान वह मोबाइल से फोटो और वीडियो बना रहा था। इसी दौरान पुलिसकर्मियों को उसके नशे में होने का संदेह हुआ और उसे लार्डगंज थाने ले जाया गया।

आकाश के भाई विवेक का आरोप है कि वह भी पीछे-पीछे थाने पहुंचा था, लेकिन उसे घर जाने के लिए कह दिया गया। उसे बताया गया कि सुबह उसके भाई को छोड़ दिया जाएगा। विवेक के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 4 बजे कोटवार ने फोन कर आकाश की मौत की सूचना दी।

आकाश की मां ममता चौधरी ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब आकाश को पुलिस थाने ले गई थी, तब उसकी तबीयत ठीक थी और उसके पास मोबाइल भी था। पुलिस चाहती तो उसी रात परिवार को सूचना दे सकती थी।

ममता ने सवाल उठाया कि यदि आकाश की तबीयत अचानक बिगड़ी थी, तो परिवार को समय पर जानकारी क्यों नहीं दी गई। उन्होंने पुलिस के हार्ट अटैक संबंधी दावे पर भी सवाल खड़े किए। मां का आरोप है कि थाने में आकाश के साथ मारपीट की गई, जिसके चलते उसकी मौत हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सीएसपी अखिलेश गौर के अनुसार, गढ़ा फाटक स्थित महाकाली माता के दर्शन के दौरान कुछ लोगों द्वारा अभद्रता किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद समिति के सदस्यों ने सुरक्षा के लिहाज से एक युवक को पकड़कर थाने पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक, युवक शराब के नशे में था और उसे थाने में बैठाया गया था।

सीएसपी ने बताया कि कुछ देर बाद युवक की तबीयत बिगड़ गई। उसे तत्काल उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने थाने में मारपीट किए जाने के आरोपों को गलत बताया है।

सीएसपी अखिलेश गौर ने बताया कि परिजनों ने आकाश की मौत को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद एसपी ने कोर्ट से न्यायिक जांच कराने का अनुरोध किया। इसे स्वीकार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि लार्डगंज थाने में 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। न्यायिक जांच के दौरान फुटेज की जांच की जा सकती है। अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि आकाश की तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी और उसकी मौत के पीछे क्या कारण रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक